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Nagpur News: ट्रंप को खुश करने शुल्क छूट सीमा बढ़ाई : जावंधिया

- शुल्क छूट की अवधि 31 दिसंबर
- किसानों को कपास का उचित भाव नहीं मिल रहा
Nagpur News केंद्र सरकार ने कपास आयात पर दी गई शुल्क छूट की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की। सरकार के इस निर्णय पर किसान संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। किसान नेता विजय जावंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए कपास के आयात शुल्क छूट को बढ़ाया है। पहले ही देश के किसानों को कपास का उचित भाव नहीं मिल रहा है।
सरकार द्वारा आयात शुल्क शून्य किए जाने से विदेशों से सस्ती दर पर कपास का आयात होगा। इससे कपास की आवक बढ़ेगी। इससे देश का कपास निर्यात नहीं बढ़ेगा। यहां के किसानों को एमएसपी भी नहीं मिलेगा। दूसरी तरफ किसानों को कपास के लिए लगनेवाली उत्पादन लागत और उनके अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। यदि किसानों को भाव नहीं मिलेगा तो कपास का उत्पादन दोगुना कैसे होगा। उन्होंने कहा कि किसानों से कपास सस्ता खरीदा जाता है, लेकिन कपड़ों के दाम बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका अपने देश के 2 प्रतिशत किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए दुनिया भर के देशों पर दबाव बना रहा है।
देशमुख का दावा-निर्यात होगा प्रभावित : पूर्व मंत्री व राकांपा नेता अनिल देशमुख ने ट्रंप टैरिफ से कपास उत्पादक किसानों को नुकसान होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य में लगभग 40 लाख 73 हजार हेक्टेयर में कपास की बुआई हुई है। राज्य में बड़ी मात्रा में कपास उत्पादन होने के बावजूद विदेशों से कपास का आयात किया जा रहा है। इसके लिए कपास पर आयात शुल्क भी रद्द कर दिया गया है। दूसरी ओर, अमेरिका द्वारा लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ कपास निर्यात को प्रभावित करेगा।
भारत से अमेरिका को बड़ी मात्रा में कपड़ा निर्यात किया जाता है। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि कपास आयात शुल्क को माफ कर दिया गया है, ताकि अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ का कपड़े के निर्यात पर असर न पड़े, लेकिन केंद्र सरकार ने यह फैसला कपड़ा उद्योगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया है। कुल मिलाकर, अमेरिकी टैरिफ का असर राज्य के कपास उत्पादकों पर पड़ेगा।
Created On :   29 Aug 2025 12:44 PM IST