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Nagpur News: किसानों के खाते में एक रुपया नहीं लेकिन सातबारा पर बैंक का बोझ

- कर्ज वितरण रुका, अधिकारी दे रहे टालमटोल जवाब
- बैंक ऑफ इंडिया, बाजारगांव की किसानों पर आर्थिक चोट
Nagpur News नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित बाजारगांव में अधिकांश किसान खेती पर निर्भर हैं। इन किसानों के खातों में कर्ज की एक भी रकम जमा न होते हुए भी सातबारा (7/12) पर कर्ज का बोझ दर्ज कर देने से हड़कंप मच गया है। बाजारगांव स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा का यह चौंकाने वाला और किसान विरोधी कामकाज सामने आने से पर किसानों में भारी आक्रोश है।
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खेतों में फसल खड़ी है, पैसा नहीं मिल रहा : बताया जाता है कि, करीब छह माह पहले खरीफ फसल के लिए किसानों से प्रति व्यक्ति 2 हजार रुपए के स्टाम्प पेपर लिए गए थे। दस्तावेज पूरे होने के बावजूद अब तक एक भी किसान के खाते में कर्ज की रकम जमा नहीं हुई है। इसके बाद भी राजस्व रिकॉर्ड में सातबारा पर बैंक का बोझ दर्ज कर दिया गया। बैंक के इस कामकाज से किसान मुश्किल में फंस गए हैं। खरीफ का मौसम निकल गया है, अब रबी की फसल खेतों में खड़ी है, फिर भी बैंक से पैसा नहीं मिलने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी के लिए उन्हें निजी साहूकारों के पास जाना पड़ रहा है और कर्ज के जाल में फंसने को मजबूर हो रहे हैं।
आंदोलन करने की तैयारी : इस मामले में जब बैंक से जवाब मांगा गया, तो क्रॉप लोन विभाग के अधिकारियों द्वारा टालमटोल और गोलमोल जवाब देने का आरोप किसानों ने लगाया है। शाखा के मुख्य प्रबंधक नवीन चंद्रा किसानों के खातों में कर्ज की राशि कब जमा करेंगे, यह सवाल अब खुलकर उठ रहा है। खाते में पैसा नहीं, कोई लेन-देन नहीं, लेकिन कागजों पर किसानों को कर्जदार दिखाने का यह मामला पूरी बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। किसानों की मांग है कि, इस गंभीर प्रकरण की तुरंत जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और किसानों के खातों में तत्काल कर्ज की राशि जमा की जाए, अन्यथा तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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कर्ज मिला नहीं, बोझ डाल दिया : खरीफ के लिए आवेदन किया था। छह माह हो गए, अभी तक खाते में पैसा नहीं आया। कागजों के लिए बार-बार चक्कर लगाए। कर्ज तो मिला नहीं, उल्टा सातबारा पर कर्ज का बोझ डाल दिया है। -सुनंदा नत्थू कंगाली, किसान, निवासी गरमसूर (ता. काटोल)
जल्द कर्ज वितरित करेंगे : क्रॉप लोन मामले में 7/12 उतारे पर छह लोगों के नाम हैं। उनमें से एक व्यक्ति के नाम पर पहले से कर्ज होने के कारण उनका नो-ड्यूज प्रमाणपत्र संलग्न नहीं किया गया। कर्ज प्रक्रिया में पहले 7/12 पर बोझ दर्ज किया जाता है। इसके लिए बैंक द्वारा किसानों को आवश्यक सर्च दस्तावेज दिए गए हैं। जल्द ही कर्ज वितरित किया जाएगा।-नवीन चंद्र, बैंक मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया, बाजारगांव
गोलमोल जवाब दे रहे हैं : मैं पीड़ित महिला किसान के साथ कई बार बैंक गया और सभी दस्तावेज पूरे किए। फिर भी पांच महीने हो गए। सातबारा पर बोझ डाल दिया गया है, लेकिन खाते में एक रुपया भी जमा नहीं किया गया है। यह बैंक कर्मचारियों की लापरवाही है। बैंक अधिकारी टालमटोल और गोलमोल जवाब दे रहे हैं। -विलास जोहरसिंग राठोड, गरमसूर (समाजसेवक)
Created On :   6 Jan 2026 12:03 PM IST












