महाराष्ट्र: सिंधुदुर्ग में सी-वर्ल्ड नामक कोई परियोजना विचाराधीन नहीं, हवाई अड्डों के विकास पर 685 करोड़ खर्च, जल जीवन मिशन मेंं 18 हजार से ज्यादा शिकायतें

सिंधुदुर्ग में सी-वर्ल्ड नामक कोई परियोजना विचाराधीन नहीं, हवाई अड्डों के विकास पर 685 करोड़ खर्च, जल जीवन मिशन मेंं 18 हजार से ज्यादा शिकायतें
  • पूर्व आईएनएस गुलदार पनडुब्बी पर्यटन, सिंधुदुर्ग’ योजना 31 मार्च 2028 तक होगी पूरी
  • उड़ान योजना - महाराष्ट्र में हवाई अड्डों के विकास पर खर्च हुए 685 करोड़ रुपए : मोहोल

New Delhi News. महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवन तालुका के तोंडावली-तलाशील क्षेत्र में सी-वर्ल्ड नामक कोई भी परियोजना केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की किसी भी योजना के तहत विचाराधीन नहीं है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से सांसद नारायण राणे के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौराम ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ (एसएएससीआई) नामक योजना के तहत महाराष्ट्र में 46.91 करोड़ रुपए की ‘पूर्व आईएनएस गुलदार अंतर्जलीय संग्रहालय, कृत्रिम चट्टान और पनडुब्बी पर्यटन, सिंधुदुर्ग’ नामक परियोजना को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने की अनुमानित तिथि 31 मार्च 2028 है। शेखावत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से 10 वर्षों में 800 प्रत्यक्ष नौकरियों के सृजित होने का अनुमान है।

उड़ान योजना - महाराष्ट्र में हवाई अड्डों के विकास पर खर्च हुए 685 करोड़ रुपए : मोहोल

महाराष्ट्र में 115 मार्गों को जोड़ते हुए कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड़, नाशिक, गोंदिया, सिंधुदुर्ग, अमरावती और सोलापुर में हवाई अड्डों को ‘उड़ान’ योजना के तहत लगभग 684.69 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय पर विकसित और प्रचालनरत किया गया है। इसके साथ ही रत्नागिरी हवाई अड्डे का विकास कार्य महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमएडीसी) द्वारा शुरू किया गया है। केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। सांसद मेधा कुलकर्णी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि पुणे में पुरंदर के साइट 1ए पर अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास के लिए महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमएडीसी) को पूर्व में प्रदान की गई साइट क्लीयरेंस को बहाल करने का प्रस्ताव प्राप्त हो गया है। मोहोल ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और रक्षा मंत्रालय (एमओडी) से प्राप्त टिप्पणियों को एमएडीसी को भेजा गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने से संबंधित तकनीकी और परिचालन संबंधी मुद्दों की जांच के लिए एएआई और भारतीय वायुसेना से प्रतिनिधियों की एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है।

जल जीवन मिशन में अनियमितता का मामला, केंद्र को मिली 18,790 शिकायतें, अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाईः सोमन्ना

केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) में वित्तीय अनियमितता और कार्यों की खराब गुणवत्ता के संबंध में राज्यों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न माध्यमों से उसे 18,790 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, 635 विभागीय अधिकारियों, 1020 ठेकेदारों और 155 तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेंसियों (टीपीआईए) के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान यह जानकारी दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मुकुल वासनिक के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सोमन्ना ने बताया कि अनियमितताओं में संलिप्त विभागीय अधिकारियों पर निलंबन, विभागीय जांच, स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार आरोप पत्र जारी करने सहित प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों के मामले में की गई कार्रवाइयों में उनको काली सूची में डालना, अनुबंध को समाप्त करना, बहिष्कृत करना, जमा राशि को जब्त करना और जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जहां तक टीपीआईए का संबंध है, संबंधित व्यक्तियों को पैनल से हटा दिया गया है । साथ ही अन्य मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे वसूली भी शुरू कर दी गई है।

सरकार ने किया हब एंड स्पोक परिचालनों का शुभारंभ, वाराणसी को स्पोक और दिल्ली को हब के रूप में निर्धारित

केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को बताया कि केंद्र सरकार ने 25 जून 2026 को हब एंड स्पोक परिचालनों का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत वाराणसी को स्पोक और दिल्ली को हब के रूप में निर्धारित किया गया है। राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान सांसद विनोद तावड़े के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मोहोल ने बताया कि इस पहल के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों से यात्रा करने वाले यात्री मूल (स्पोक) हवाई अड्डे पर बैगेज चेक-इन, सीमा शुल्क और आप्रवासन औपचारिकताओं को पूरा कर सकते हैं, जिससे आगे की अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भारतीय हब हवाई अड्डे पर सुचारू अंतरण सुलभ हो जाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि हब एंड स्पोक मॉडल का उद्देश्य चरणबद्ध आधार पर अंतरराष्ट्रीय संपर्क को सुलभ बनाना है। मॉडल का अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक विस्तार वाणिज्यिक व्यवहार्यता, यात्री मांग और अवसंरचना की उपलब्धता पर निर्भर करता है। हब एंड स्पोक पहल भारत में वैश्विक विमानन केंद्रों को विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र की रणनीति का हिस्सा है।

Created On :   20 July 2026 9:34 PM IST

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