कस्टोडियन डेथ: मुर्दों के पंचनामें से तहसीलदारों को राहत देने के मामले में जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय में हो रहा विचार

मुर्दों के पंचनामें से तहसीलदारों को राहत देने के मामले में जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय में हो रहा विचार
  • पंचनामा करने के अधिकार नायब तहसीलदार से हटाकर तहसीलदार को दे दिए
  • पुलिस कस्टडी, जेल, सुधारगृह, भिक्षागृह व मनोचिकित्सालय में होने वाली मौत के मामले

Nagpur News. सरकार ने ‘कस्टोडियन डेथ’ के मामलों में पंचनामा करने के अधिकार नायब तहसीलदार से हटाकर तहसीलदार को दे दिए हैं। नागपुर शहर में पुलिस कस्टडी, जेल, सुधारगृह, भिक्षागृह व मनोचिकित्सालय में होने वाली मौत के मामलों में तहसीलदार को कार्यकारी दंडाधिकारी के तौर पर उपस्थित रहकर पंचनामा करना जरूरी हो गया है। मुर्दों का पंचनामा कर तंग आ गए तहसीलदार संतोष खांडरे ने अपना दर्द प्रशासन को बताते हुए इसमें रियायत देने का अनुरोध पत्र सौंपा था। जिला प्रशासन ने नए कानून के बाद बनी वस्तुस्थिति को सामने रखकर तहसीलदार को राहत देने का प्रस्ताव राज्य के गृह मंत्रालय को भेजा। जिस पर राज्य का गृह मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। गृह मंत्रालय में पदस्थ सहसचिव इस पूरे मामले को देख रहे है।

इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) ने ली है। कस्टडी डेथ में पंचनामें की वीडियोग्राफी होने से तहसीलदार चाहकर भी पंचनामे के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारी को नहीं भेज सकते। शहर में कस्टडी डेथ होने पर शहर तहसीलदार को ही जाना पड़ रहा है। शहर की आबादी करीब 30 लाख है। यहां जेल, सुधारगृह, भिक्षागृह, मनोचिकित्सालय के अलावा दर्जनों पुलिस स्टेशन हैं। इन जगहों पर होने वाली मौतों को ‘कस्टोडियन डेथ’ माना जाता है। समेत राज्य के बड़े शहरों में पदस्थ सिटी तहसीलदारों में हड़कंप मचा हुआ है। शहर तहसीलदार संतोष खांडरे ने प्रशासन को इसमें रियायत देने का पत्र दिया था।

शीघ्र सकारात्मक निर्णय होगा

विधायक कृष्णा खोपडे ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शहर बड़ा होने से एक सिटी तहसीलदार का कार्यालयीन काम के साथ पंचनामे के लिए तीन घंटे बैठना बहुत मुश्किल होता है। गृह मंत्रालय में सह सचिव के साथ चर्चा हुई है। पूरे मामले की समीक्षा हो रही है। पहले जैसी व्यवस्था थी, वैसी व्यवस्था आगे भी लागू करने पर विचार हो रहा है। तहसीलदार काम में व्यस्त होने पर नायब तहसीलदार पंचनामा कर सके, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।

Created On :   19 July 2026 8:36 PM IST

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