तकनीकी समस्या: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 4,500 से अधिक आवेदन लंबित, मनपा में एक ही लॉगिन से कामकाज प्रभावित

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 4,500 से अधिक आवेदन लंबित, मनपा में एक ही लॉगिन से कामकाज प्रभावित
  • नागरिकों को प्रमाणपत्र मिलने में हो रही देरी, आयुक्त ने दिए निर्देश
  • 2016 से पहले के रिकॉर्ड के लिए मुख्यालय में करना पड़ता है आवेदन
  • सीआरएस पोर्टल की तकनीकी समस्या दूर करने और अतिरिक्त लॉगिन की मांग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महानगरपालिका के जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग में प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया धीमी होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जून माह से अब तक मनपा मुख्यालय में 4,500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। इसका प्रमुख कारण केंद्रीय पंजीयन व्यवस्था (सीआरएस पोर्टल) पर केवल एक लॉगिन उपलब्ध होना बताया जा रहा है। इस समस्या को देखते हुए मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग के कामकाज, नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों, सीआरएस पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और वर्ष 2016 से पहले के जन्म-मृत्यु दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। आयुक्त ने केंद्रीय निबंधक कार्यालय को पत्र भेजकर अतिरिक्त लॉगिन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने तथा नागरिकों को जल्द से जल्द प्रमाणपत्र देने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (शहर) अंकीत, अतिरिक्त आयुक्त (सेवा) मुरुगानंथम, स्वास्थ्य अधिकारी तथा जन्म-मृत्यु विभाग के निषेधक डॉ. दीपक सेलोकर, उपनिषेधक डॉ. गोवर्धन नवखरे, जिला परिषद की माता एवं बाल संगोपन अधिकारी डॉ. रेवती साबले और सांख्यिकी अधिकारी प्रियंका पवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

110 साल का रिकॉर्ड, दूसरे राज्यों से भी आते हैं आवेदन

मनपा मुख्यालय में वर्ष 1910 से 2015 तक के जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड उपलब्ध है। वर्ष 2016 से पहले के प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नागरिकों को मुख्यालय में आवेदन करना पड़ता है, जबकि वर्ष 2016 से आगे के प्रमाणपत्र जोन कार्यालयों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी पुराने रिकॉर्ड के लिए आवेदन आते हैं।

फिलहाल मुख्यालय में सीआरएस पोर्टल के लिए केवल स्वास्थ्य अधिकारी को एक लॉगिन उपलब्ध कराया गया है। इसके कारण प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। यदि अतिरिक्त लॉगिन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो लंबित आवेदनों का निपटारा तेजी से किया जा सकता है।

हर माह 2,000 तक आवेदन, दो माह पहले भी भेजा था पत्र

मनपा प्रशासन को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए हर माह करीब 1,500 से 2,000 आवेदन प्राप्त होते हैं। इसके अलावा एसआईआर, आधार कार्ड और पासपोर्ट सहित विभिन्न कार्यों के लिए भी जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रमाणपत्र मिलने में देरी से नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है।

मनपा प्रशासन का जन्म-मृत्यु विभाग का रिकॉर्ड वर्ष 2006 में ही डिजिटल किया जा चुका है। इसके बावजूद सीआरएस पोर्टल की व्यवस्था से सभी डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने में दिक्कतें आ रही हैं। अतिरिक्त लॉगिन उपलब्ध कराने और मनपा के डिजिटल रिकॉर्ड को सीआरएस पोर्टल से जोड़ने की मांग की गई है।

इस संबंध में करीब दो माह पहले स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से राज्य के जन्म-मृत्यु विभाग के निबंधक को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अब आयुक्त डॉ. विपिन ने आयुक्त कार्यालय के माध्यम से तत्काल पत्र भेजने और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Created On :   5 Oct 2026 7:14 PM IST

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