आंदोलन पर बयान: गाड़ी में ठूंसकर ले गए, आदिवासी छात्रों के आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश - वडेट्टीवार ने की सरकार की आलोचना

गाड़ी में ठूंसकर ले गए, आदिवासी छात्रों के आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश - वडेट्टीवार ने की सरकार की आलोचना
  • आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर वडेट्टीवार ने की सरकार की आलोचना
  • आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आदिवासी छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया और जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया।

आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने का दावा

वडेट्टीवार के मुताबिक, आदिवासी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद छात्र करीब 300 किलोमीटर का सफर तय कर मुंबई पहुंचे।

छात्रों के मुंबई पहुंचने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि छात्रों को पकड़कर जबरदस्ती वाहनों में बैठाया गया। अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने आए छात्रों से बातचीत करने के बजाय उन पर पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है।

एनएसयूआई महाराष्ट्र अध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप

वडेट्टीवार ने दावा किया कि आंदोलन में शामिल एनएसयूआई महाराष्ट्र अध्यक्ष सागर सालुंके समेत कई कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों को हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

डर छात्रों के सवालों से है या उनकी आवाज से?

वडेट्टीवार ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, इतनी घबराहट किस बात की है? छात्रों के सवालों से या उनकी आवाज से? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार है। प्रशासन को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए। पुलिस बल का इस्तेमाल करके आंदोलन की आवाज को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन छात्रों के सवालों को दबाया नहीं जा सकता। वडेट्टीवार ने यह भी संकेत दिया कि यदि छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन पर इसी तरह कार्रवाई जारी रही, तो कांग्रेस इस मुद्दे पर आवाज उठाएगी।

Created On :   5 Oct 2026 7:21 PM IST

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