संगठन मजबूती की कवायद: विदर्भ में शिवसेना को मजबूत करने का प्रयास करेंगे, हर जिले और तहसील में संगठन पहुंचाने का लक्ष्य

विदर्भ में शिवसेना को मजबूत करने का प्रयास करेंगे, हर जिले और तहसील में संगठन पहुंचाने का लक्ष्य
  • विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर का सत्कार
  • शिवसेना को मजबूत करने का प्रयास करेंगे

Nagpur News. विधान परिषद के उपसभापति और शिवसेना (शिंदे) के वरिष्ठ नेता सचिन अहिर ने कहा कि विदर्भ में शिवसेना संगठन को और मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। विदर्भ में पार्टी का संगठन अपेक्षित रूप से मजबूत नहीं रहा है, लेकिन आने वाले समय में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते हुए पार्टी की ताकत बढ़ाई जाएगी। विकास की राजनीति से प्रभावित होकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेता व कार्यकर्ता शिवसेना के साथ जुड़ना चाहते हैं। ऐसे सभी लोगों को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा।

सोमवार को सिविल लाइंस स्थित चिटणवीस सेंटर में आयोजित सत्कार समारोह में अपने सम्मान के जवाब में सचिन अहिर बोल रहे थे। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने, शिवसेना के पूर्व विदर्भ संगठक किरण पांडव, जिला प्रमुख सूरज गोजे, रविनीश पांडेय सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अहिर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। नागपुर और विदर्भ से उनका पुराना और गहरा लगाव है। विदर्भ के प्रत्येक जिले और तहसील तक शिवसेना का कार्यकर्ता सक्रिय रूप से काम करे, यह आने वाले समय की प्राथमिकता रहेगी। संगठन को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए आम नागरिकों के सवालों और स्थानीय समस्याओं से जोड़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विदर्भ के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषय हैं। किसान, युवा, रोजगार, उद्योग, बुनियादी सुविधाएं और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की आवश्यकता है। विधान परिषद के उपसभापति के रूप में वे विदर्भ के विभिन्न हिस्सों की समस्याओं को समझने और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे जनता के बीच रहकर संगठन को मजबूत करें।

शिंदे सेना में हाल ही में किया प्रवेश

गौरतलब है कि सचिन अहिर का शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में प्रवेश महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया। जून 2026 में उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना छोडा और शिवसेना शिंदे से विधानपरिषद के सभापति चुने गए। वे शरद पवार के नेतृत्व की राकांपा में रहे हैं। अविभाजित शिवसेना में वे आदित्य ठाकरे के करीबी नेता की भूमिका में थे।

Created On :   7 Sept 2026 7:34 PM IST

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