वाशिम: जिला परिषद में 1.16 लाख बचत का बजट पेश

February 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, वाशिम। जिले के ग्रामीण विकास का केंद्रबिंदू मिनी मंत्रालय की स्व आय का वर्ष 2021-22 का संशोधित तथा वर्ष 2022-23 का मूल बजट वित्त सभापति सुरेश मापारी ने शुक्रवार को पेश किया । जिप के विविध विभागों के लिए 10.93 करोड़ के नियोजनवाला तथा 1.16 लाख रुपए बचत का बजट केवल घंटेभर की चर्चा के बाद एकमत से मंजूर किया गया । जिला परिषद के विशेष बजट सभा की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष चंद्रकांत ठाकरे ने की जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसूमना पंत, जिप उपाध्यक्ष डा. शाम गाभणे, शिक्षा व स्वास्थ्य सभापति चक्रधर गोटे, महिला व बालकल्याण सभापति गावंडे, समाजकल्याण सभापति वनिता देवरे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील निकम, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक बोंद्र, लेखा व वित्त अधिकारी तुषार मोरे प्रमुख रुप से उपस्थित थे ।

बजट प्रस्तुत

वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अपेक्षित आय के तहत वर्ष 2022-23 का मूल बजट वित्त सभापति सुरेश मापारी ने सभागृह में प्रस्तुत किया । वर्ष 2021-22 वित्तीय वर्ष के लिए शासन की ओर से जिला परिषद की स्व आय के लिए प्राप्त हुई निधि और अन्य आय के साधन से प्राप्त निधि के अनुसार संशोधित बजट तैयार किया गया । बजेट में वर्ष 2021-22 की प्रारंभिक बचत 76682599 इतनी है और वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष में मुद्रांक शुल्क करेत्तर जमा, मत्स्य व्यवसाय, जलपट्टी कर इत्यादी से 30089967 रुपए की राशि प्राप्त हुई है । इसके अलावा जिला परिषद की ओर से अल्पावधि के लिए किए गए निवेश के रुप में रुपए 32308356 ब्याज प्राप्त हुआ है । कुल मिलाकर प्रारम्भ की बचत समेत जमा रुपए 139080922 है । इसमंे से रुपए 84975600 का वित्तीय वर्ष 2021-22 का संशोधित बजट तैय्यार किया गया । वित्तीय वर्ष 2022-23 के मूल बजट के लिए प्रारम्भ की बचत रुपए 54105322 है और अपेक्षित आय रुपए 55220000 गृहीत मानकर वर्ष 2022923 वित्तीय वर्ष के लिए मूल बजट रुपए 10 करोड़ 92 लाख 8 हज़ार 772 राशी का तैयार किया गया है । यानी रुपए एक लाख 16 हज़ार 600 इतनी बचत का बजट प्रस्तुत किया गया । पिछड़ावर्ग की उन्नति के लिए शासन द्वारा ठहराए गए निकषानुसार समाज कल्याण विभाग के लिए 20 प्रतिशत अनुषेश समेत नियोजन किया गया । इसमंे दिव्यांगों को भी 5 प्रतिशत नियोजन में से लाभ देने का संकल्प लिया गया । महिला व बालकल्याण विभाग के लिए शासन के विहित निकषानुसार उस विभाग को अनुशेष समेत 10 प्रतिशत नियोजन कर दिया गया । इसी प्रकार जलापूर्ति योजना देखभाल व दुरुस्ती निधि के लिए 20 प्रतिशत अंशदान हेतु नियोजन रखा गया है । शासन की मार्गदर्शक सूचना के अनुसार जिला परिषद प्राथमिक शाला देखभाल दुरुस्ती व अनुषंगिक खर्च के लिए 5 प्रतिशत नियोजन रखा गया । विकास विषयक योजना जनकल्याणार्थ पूर्णतः चलाए जाने को लेकर दृष्टिकोन रखे जाने की बात वित्त सभापति सुरेश मापारी ने स्पष्ट की । वित्तीय बजट पर चर्चा में शिक्षा विभाग के लिए अधिक निधि का नियाेजन करने को लेकर चर्चा कर सदस्यों का एकमत हुआ । बजट सभा में जिला परिषद सदस्य अरविंद पाटिल इंगोले, डा. सुधीर कव्हर, पांडुरंग ठाकरे, दिलीप देशमुख, मिना भोने ने हिस्सा लिया । सभा में जिप सदस्य, जिप के विविध विभागों के विभाग प्रमुख, अधिकारी तथा पंचायत समिति सभापती भी उपस्थित थे ।