दैनिक भास्कर हिंदी: बांधवगढ़ में 13 माह के हाथी के बच्चे की मौत

May 7th, 2020

डिजिटल डेस्क उमरिया। बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में गुरूवार को 13 माह के नर हाथी (कॉफ) की मौत हो गई। सोमवार को अचानक पेट में इंफेक्शन के बाद इसकी तबियत बिगडऩे लगी थी। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. ई वी श्रीवास्तव, डॉ. काजल जाटव, हिमांशु रोहणी, डॉ जेपी त्रिपाठी सहित डॉ अभय सेंगर की टीम इलाज कर रही थी। बावजूद इसके हाथी का स्वास्थ्य लगातार गिरता गया। बुधवार रात उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पीएम उपरांत देर शाम जंगल में दफन कर दिया गया है। गर्मी का सीजन आने के बाद से बीटीआर में टाईगर व शावक समेत चौथी मौत है।
पार्क प्रबंधन अनुसार 13 माह के गज का नाम पवन था। वर्ष 2018 में मादा हाथी चित्रा, काजल सहित दो अन्य नर हाथी लाये गए थे। मृत पवन चित्रा का पुत्र था। 10 दिन पूर्व मिट्टी का अत्यधिक सेवन करने के कारण उसे पेट में समस्या हुआ थी। तब डॉक्टरों ने इलाज कर स्थिति को काबू में कर लिया था। इस बार हाथी की तबियत अत्यधिक खराब हो गई और वह सोमवार से जमीन में लेट गया था। बीमारी के चलते उठ नहीं पाया। आखिरकार बुधवार को उसकी मौत हो गई। बांधवगढ़ में 
बांधवगढ़ में 16 हाथियों का कुनबा
नन्हे हाथी के आने से पार्क में खुशियों का माहौल था। इसके जाने के बाद अब यहां 16 हाथियों का कुनबा शेष बचा है। समूह में सबसे बुजगऱ् हाथी गौतम है। यह वर्ष 1977 से लगातार पर्यटन व सर्चिंग में अपनी सेवा दे रहा है। बीटीआर के घने वन में अपने दूसरे हाथियों को ट्रेनिंग देने में भी इसकी मदद ली जाती है। बाघ की मूवमेंट एवम वन्य प्राणियों की देख भाल के गुण में यह अच्छा खासा पारंगत है। इसी तरह 45 वर्षीय सबसे बुजुर्ग मादा हाथी अनारकली है। इसी तरह गौतम, अष्टम, बाधवी, पंचाली, पूनम सहित दर्जनभर से नर व मादाएं हैं। हाथी की औसत उम्र सौ साल की होती है।
38 जंगली हाथियों का है दल भी जंगल में 
बांधवगढ़ में मानीटरिंग कार्य में पालतू 16 हाथियों के अलावा जंगली भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। डेढ़ साल से यहां पनपथा, खितौली व पतौर मानपुर में 3-4 हाथियों का झुण्ड छत्तीसगढ़ होते प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में इनकी संख्या 38 हाथी (नर, मादा) तक गिनी जा चुकी है। पहले ये लोग 28 तथा 10 के समूह में थे। अब दोनों मिलकर पनपथा क्षेत्र में घूम रहे हैं। इनमे 3 छोटे बच्चे भी हैं। 
इनका कहना है --
13 माह के हाथी को डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच अनुसार लंग्स में दिक्कत बताई है। इंफेक्शन के चलते सोमवार से उसकी हालत बिगड़ी थी। विशेषज्ञों डॉक्टरों की टीम इलाज में लगी थी। बुधवार रात में उसकी मृत्यु हुई।
विंसेंट रहीम, संचालक बांधवगढ़।