दैनिक भास्कर हिंदी: दमोह नगर पालिका 65 करोड़ रू. का लोन लेने की तैयारी - एक करोड़ 20 लाख रुपए के स्टांप हो चुके लैब्स

September 16th, 2019

 डिजिटल डेस्क दमोह । नगर पालिका परिषद दमोह में यदि घोटालों की लिस्ट निकाली जाए तो शायद गिनने में संख्या कम पड़ जाएगी। यहां पर ऐसी कोई भी योजना संचालित नहीं हो रही है जिसमें  शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए मनमानी के प्रयास नहीं किए गए हो और यही मनमानी में आम जनता पर खर्च होने वाला पैसा ही बर्बाद होता है। जिसकी शायद किसी को भी चिंता नहीं है और ना ही नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस मामले में किसी भी प्रकार का कोई दर्द होता है। इन मनमानी और घोटालों में आपसी सामंजस तो इतना है कि बिना विरोध के मामले को दबा भी दिया जाता है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसमें नगर पालिका द्वारा  एक ऋण पर दोबारा ऋण लेने का प्रयास फिर से किया जा रहा है इसमें एक बार पूर्व में भी दोबारा ऋण लेने के प्रयास में एक करोड़ 20 लाख रुपए के स्टांप निरस्त हो चुके हैं। इसके बाद एक बार फिर 65 करोड़ रुपए का ब्रिज लोन इंडियन बैंक भोपाल से लेने की तैयारी है.।
 प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर  ऋण 
इसी क्रम में परिषद एवं अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना एएचपी घटक के अंतर्गत ब्रिज लोन लेने की योजना बनाई गई जिस पर बाकायदा प्रेसिडेंट इन काउंसिल द्वारा प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक दिनांक 22 जुलाई 2019 के प्रस्ताव क्रमांक 83 मैं संकल्प पारित किया गया कि "प्रकरण का अवलोकन किया गया शासन के आदेश क्रमांक एफ- 10-51/ 2017/18-2 भोपाल दिनांक 23/9/ 2017 के द्वारा ब्रिज लोन लिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है ।जिसके अंतर्गत संचनालय स्तर पर बैंक के वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इंडियन बैंक  भोपाल के द्वारा न्यूनतम ब्याज दर 8.6 प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव प्रदान किए गए थे एवं मध्य प्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय भोपाल के आदेश क्र एफ-10-40/ 2018/ 8-2भोपाल दिनांक 4/10/2018 के द्वारा राशि 65 करोड़ के ऋण की शासकीय प्रत्याभूति निशुल्क प्रदान की गई है। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन एवं वित्तीय प्रबंधन हेतु निकाय के पत्र क्र 34 39 दिनांक 14/ 11/ 2018 के द्वारा इंडियन बैंक भोपाल को आवेदन प्रस्तुत किया गया था ।योजना अंतर्गत ब्रिज लोन प्रकरण में बैंक संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाने एवं समस्त कार्यवाही हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद दमोह को अधिकृत किया जाता है। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।" और इस प्रस्ताव पर एक बार फिर नगर पालिका जनता के पैसों को बर्बाद करने की तैयारी कर रही है।
एक बार डूब चुके 1 करोड़ 20 लाख के स्टांप  
इसके पूर्व भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के  तहत 65 करोड रुपए का ब्रिज लोन लेने का प्रयास किया गया था। और इसके लिए बाकायदा 12 मार्च 2018 को प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किया गया था। इसकी स्वीकृति की प्रत्याशा में एक करोड़ 20 लाख रुपए के स्टांप भी खरीद लिए गए थे। लेकिन ऑडिट आपत्ति आने के चलते एवं बैंक द्वारा आवास योजना में दोहरे ऋण का हथकंडा अपनाने की पोल खोलने के चलते स्टेट बैंक द्वारा लोन देने से मना कर दिया गया था। जिस कारण से  नपा को एक करोड़ 20 लाख का चूना लग गया।
इनका कहना है 
यदि नगर पालिका द्वारा
बिना किसी प्रक्रिया के ब्रिज लोन लिया जा रहा है और इसके कारण यदि कर्मचारियों को वेतन की परेशानी होगी तो संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी ।किसी भी कर्मचारी को वेतन के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। 
तरुण राठी कलेक्टर