comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दन्तेवाड़ा : सुदूर नक्सल क्षेत्र की महिलाएं कर रहीं तरक्की : बना रही है सीमेंट के खंभे और फेंसिग जाली

December 07th, 2020 16:35 IST
दन्तेवाड़ा : सुदूर नक्सल क्षेत्र की महिलाएं कर रहीं तरक्की : बना रही है सीमेंट के खंभे और फेंसिग जाली

डिजिटल डेस्क, दन्तेवाड़ा। चैंन लिंक फेंसिंग एवं सीमेंट पोल निर्माण से जुड़ना दन्तेवाड़ा की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि दन्तेवाड़ा, 06 दिसम्बर 2020 महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इन दिनों महिलाएं सीमेंट के खंभे और फेंसिंग जाली निर्माण कर रही हैं। महिलाएं इस स्वरोजगार से खुद को सक्षम बनाएंगी और दूसरी महिलाओं को इस व्यवसाय के लिए प्रेरित करेंगी। महिलाओं अब तक सीमेंट पोल व जाली बनाने के लिए महिलाएं आगे नहीं आई थीं, लेकिन जिला पंचायत द्वारा संचालित प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाड़ी प्रोजेक्ट के तहत जिले में 8 स्व-सहायता समूह व्यवसाय करने मन में ठानी और काम शुरू भी कर दी हैं। जिले में सभी पंचायतों में देवगुड़ी, गोठान का निमार्ण किया जा रहा है। जिसमें घेराव के लिए सीमेंट पोल की आवश्यकता पड़ती है, इसीलिए जिले में 8 स्व-सहायता समूह द्वारा सीमेंट पोल का निमार्ण किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति तक 4950 पोल, जिसे 14 लाख 85 हजार रूपये तक बेच चुके है। इस इस गतिविधि से 80 परिवार लाभान्वित हो रहे है। जिले में सचांलित समूहों द्वारा सीमेंट पोल निर्माण, दिशा महिला ग्राम संगठन टेकनार, सीता महिला ग्राम संगठन गंजेनार, रानी लक्ष्मी ग्राम संगठन गाटम, दीपक महिला ग्राम संगठन मैलावाड़ा, जागृति महिला कलस्टर संगठन पेन्टा सीमेंट पोल का निमार्ण कर रही है। जिले में 6 स्व-सहायता समूह द्वारा चैंन लिंक फेंसिंग का निमार्ण किया जा रहा है। जिसमें दिशा महिला ग्राम संगठन भांसी, शांति महिला ग्राम संगठन मटेनार, रानी लक्ष्मी ग्राम संगठन गाटम, रोयेमंुग ग्राम संगठन मासौड़ी, जगदम्बे स्व सहायता समूह नागफनी, माँ शक्ति ग्राम संगठन कुआकोंडा समूहो ने वर्तमान स्थिति तक 1147 बण्डल, जिसे 30 लाख 96 हजार 9 सौ रूपये तक बेच चुके है। चैंन लिंक फेंसिंग निर्माण से 58 परिवार तथा सीमेंट पोल निमार्ण से 80 परिवारों लाभान्वित हो रहे है। चैंन लिंक फेंसिंग एवं सीमेंट पोल निमार्ण से जोड़ना उस क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ना सिर्फ महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी स्व-रोजगार से जुड़ने के अवसर खुल रहे हैं। वर्तमान में महिला समूह द्वारा तैयार किए गए सीमेंट पोल को सबसे पहले ग्राम पंचायत के लिए सप्लाई करेंगी। 

कमेंट करें
iNxq3
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।