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जयपुर: राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में धनतेरस पर धनवर्षा मण्डल ने लगाया धनतेरस पर दोहरा शतक मण्डल को 226 सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 85 करोड़ 33 लाख रूपये का राजस्व

November 13th, 2020 17:45 IST
जयपुर: राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में धनतेरस पर धनवर्षा मण्डल ने लगाया धनतेरस पर दोहरा शतक मण्डल को 226 सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 85 करोड़ 33 लाख रूपये का राजस्व

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में धनतेरस पर धनवर्षा मण्डल ने लगाया धनतेरस पर दोहरा शतक मण्डल को 226 सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 85 करोड़ 33 लाख रूपये का राजस्व 64 प्रीमियम सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 61 करोड़ 91 लाख रूपये का राजस्व, 342 लोगों ने लगाई बोली प्रताप नगर व मानसरोवर में 44 करोड़ 27 लाख रूपये में बिके 6 व्यावसायिक भूखण्ड आवासन आयुक्त श्री पवन अरोड़ा ने बताया कि राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा संचालित की जा रही बुधवार नीलामी उत्सव ई-बिड सबमिशन योजना में आवासीय सम्पत्तियों, अपनी दुकान-अपना व्यवसाय योजना में व्यावसायिक भूखण्डों, निर्मित दुकानों और प्रीमियम सम्पत्तियों के विक्रय से धनतेरस पर जमकर धन वर्षा हुई। उन्हाेंने बताया कि इस धनतेरस पर मण्डल को 226 सम्पत्तियों के विक्रय से 85 करोड़ 33 लाख रूपये का राजस्व मिला। उन्होंने बताया कि इस धनतेरस को बुधवार नीलामी उत्सव ई-बिड सबमिशन में 64 सम्पत्तियां बिकी जिससे मण्डल को 6 करोड़ 62 लाख 16 हजार रूपये का राजस्व मिला। इसी तरह अपनी दुकान-अपना व्यवसाय योजना में 86 व्यावसायिक भूखण्ड़ और 12 निर्मित दुकानें बिकी जिससे मण्डल को 16 करोड़ 79 लाख 68 हजार रूपये का राजस्व मिला। मण्डल द्वारा जयपुर, दौसा और बारां में स्थित 64 आवासीय और व्यावसायिक प्रीमियम सम्पत्तियों का ई-ऑक्शन किया गया, इन सम्पत्तियों के विक्रय से मण्डल को 61 करोड़ 91 लाख 21 हजार रूपये का राजस्व मिला। मण्डल द्वारा राजस्व अर्जन के नये रिकॉर्ड बनाने और दिवाली महापर्व को देखते हुए इस वर्ष भी आवासन मण्डल मुख्यालय को बेहद मनमोहक तरीके से सजाया गया है और रंग-बिरंगी लाइटिंग की गई है। गत वर्ष भी मण्डल को बेहतरीन सजावट के लिये जिला प्रशासन जयपुर द्वारा प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया था। आवासान आयुक्त श्री पवन अरोड़ा ने बताया कि धनतेरस को भारतीय मान्यताओं के अनुसार पांच दिवसीय महापर्व दिवाली का पहला त्यौहार माना जाता है और इस दिन आवासन मण्डल को 85 करोड़ 33 लाख का राजस्व प्राप्त होना शुभ संकेत है। बुधवार नीलामी उत्सव में ई-बिड सबमिशन और अपनी दुकान-अपना व्यवसाय योजना में बिकीं 162 सम्पत्तियां, मिला 23 करोड़ 42 लाख रूपये का राजस्व मिला श्री अरोड़ा ने बताया कि बुधवार नीलामी उत्सव ई-बिड सबमिशन और अपनी दुकान-अपना व्यवसाय के तहत 162 सम्पत्तियाें के बिकने से 23 करोड़ 42 लाख रूपये का राजस्व मिला। उन्होंने बताया कि जयपुर वृत्त प्रथम, द्वितीय और तृतीय में 71 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 9 करोड़ 87 लाख रूपये का राजस्व मिला, जोधपुर वृत्त प्रथम और द्वितीय में 25 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 1 करोड़ 89 लाख रूपये का राजस्व मिला, कोटा वृत्त में 22 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 2 करोड़ 89 लाख रूपये का राजस्व मिला, बीकानेर वृत्त में 1 दुकान बिकी, जिससे मण्डल को 10 लाख रूपये का राजस्व मिला, उदयपुर वृत्त में 24 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 4 करोड़ 78 लाख रूपये का राजस्व मिला और अलवर वृत्त में 19 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 3 करोड़ 89 लाख रूपये का राजस्व मिला। मण्डल की प्रीमियम सम्पत्तियां खरीदने के लिये लगी होड़ 64 सम्पत्तियां बिकी, मिला 61 करोड़ 91 लाख रूपये का राजस्व 342 लोगांंे ने लगाई ई-ऑक्शन में बोली राजस्थान आवासन मण्डल की प्रीमियम सम्पत्तियों को खरीदने के लिये होड मची हुई है। इस बुधवार जयपुर के प्रताप नगर, मानसरोवर, दौसा और बारां में 64 आवासीय व व्यावसायिक प्रीमियम सम्पत्तियों को ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचा गया, इनके विक्रय से मण्डल को 61 करोड़ 91 लाख रूपये का राजस्व मिला। इन सम्पत्तियों को खरीदने के लिये 342 लोगाें ने बोली लगाई। प्रताप नगर व मानसरोवर में 44 करोड़ 27 लाख रूपये में बिके 6 व्यावसायिक भूखण्ड राजस्थान आवासन मण्डल की प्रताप नगर और मानसरोवर योजना में 6 बडे व्यावसायिक भूखण्डों को ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचा गया, इन भूखण्डों के विक्रय से मण्डल को 44 करोड़ 27 लाख रूपये का राजस्व मिला। प्रताप नगर योजना में 3 बडे व्यावसायिक भूखण्डों के ई-ऑक्शन से 16 करोड़ 70 लाख रूपये का राजस्व मिला। इसी तरह मानसरोवर योजना में 3 बडे व्यावसायिक भूखण्डों के ई-ऑक्शन से मण्डल को 27 करोड़ 58 लाख रूपये का राजस्व मिला। आयुष मार्केट और आरएचबी आतिश मार्केट के 24 शोरूम भूखण्ड बिके, मिला 14 करोड़ 99 लाख रूपये का राजस्व राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा मण्डल की प्रताप नगर और मानसरोवर योजना में विकसित आयुष मार्केट व आरएचबी आतिश मार्केट योजना में 24 शोरूम भूखण्डों को ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचा गया, जिनके विक्रय से मण्डल को 14 करोड़ 99 लाख रूपये का राजस्व मिला। इन दोनों बाजारों में कई भूखण्ड अपने निर्धारित मूल्य से 2 से 3 गुना कीमत पर बिके।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।