दैनिक भास्कर हिंदी: बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में गूंजी किलकारी, अनारकली ने दिया कॉफ को जन्म

December 18th, 2018

डिजिटल डेस्क, उमरिया। चौंकिए मत ये गुड़ सोंठ व काजू बादाम से सेहत का ख्याल किसी महिला प्रसूता की नहीं बल्कि बांधवगढ़ की अनारकली का रखा जा रहा है। दरअसल दो दिन पहले सोमवार की रात मादा हाथी ने नन्हे कॉफ (हाथी का बच्चा) को जन्मा है। स्वास्थ्य परीक्षण में जन्मा मादा कॉफ बिल्कुल स्वस्थ्य है। नए मेहमान की किलकारियां गूंजते ही बांधवगढ़ में जश्न का माहौल है। स्वयं बांधवगढ़ डायरेक्टर मृदुल पाठक की देखरेख में अनारकली व उसके कॉफ का खानपान किया जाता है। नए मादा कॉफ के आने से जहां कुनबे का विस्तार होगा। वहीं हाथियों के संकट से जूझ रहे टाईगर रिजर्व प्रबंधन के लिए संजीवनी भी है। 2018 का साल जाते-जाते अब हाथियों की संख्या 12 से बढ़ाकर 17 हो जाएगी।

कुनबा बढ़ाएगी नई कॉफ
बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में इन दिनों कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। रात में पारा 7 तथा दिन में 16 डिसे पर बना हुआ है। मादा हाथी अनारकली बीटीआर में हाथियों के कुनबे की सीनियर सदस्य है। पार्क प्रबंधन ने बताया सोमवार रात सुरक्षित कॉफ का जन्म हुआ है। जन्मोपरांत डॉ. नितिन गुप्ता, बांधवगढ़ डायरेक्टर ने दोनों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर जायजा लिया। पूरी तरह स्वस्थ्य होने पर कॉफ को मां का दूध भी पिलाया जा रहा है। विशेष खानपान शुरु कर दिया गया।

बांधवगढ़ में उत्सव का माहौल
मध्यप्रदेश के टाईगर रिजर्व में हाथियों की कमी किसी से छिपी नहीं है। यहां कनार्टक से हाथी लाए जाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में रद्द हो गया था। वर्तमान में प्रबंधन के पास 12 हाथियों का दल है। बफर व कोर एरिया मिलाकर 1598.0 वर्ग किमी. में अक्सर रेस्क्यू के दौरान इनकी मदद ली जाती है। दल में प्रमुख सदस्यों के नाम गौतम, गणेश, अनारकली, बांधवी, पंचाली, सूर्या हैं। मादा में अनारकली व नर समूह में गौतम हाथी सीनियर हैं, जिनसे मानीटरिंग का काम लिया जाता है। इनके अलावा मई 2017 में सीटी जिले से उत्पादी 4 हाथियों को यहां रखा गया है। इन्हें टाईगर मानीटरिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं। हाथियों की शिफ्टिंग रद्द होने के बाद कमी को सीधी से आए चार नए हाथी से पूर्ण करने की आश लगाई जा रही है। वहीं नए कॉफ के वयस्क होने से कुनबा भी लगातार बढ़ता रहेगा। यही कारण है कि टाईगर रिजर्व प्रबंधन इनकी आव भगत में लगा हुआ है।

इनका कहना है
कल रात मादा हाथी ने स्वस्थ्य कॉफ को जन्मा है। दोनों पूर्णत: स्वस्थ्य व ठीक हैं। उनके खानपान का विशेष ख्याल रखते हुए तीन दिन तक गुड़ सोंठ व ड्राय फूट के लड्डू खिलाए जा रहे हैं। इसके बाद सामान्य भोजन मादा को खिलाया जाएगा।
मृदुल पाठक, डायरेक्टर बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व उमरिया