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दो बाघों की लड़ाई में मादा की मौत - दहाड़ों से थर्रा गया था जंगल

दो बाघों की लड़ाई में मादा की मौत - दहाड़ों से थर्रा गया था जंगल

डिजिटल डेस्क उमरिया ।  पिछली रात्रि यहां बाधवगढ़ नेशनल पार्क में दो बाघों में हुई लड़ाई में एक मादा बाघ की मौत हो गई । इस संबंध में अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि पनपथा बफर परिक्षेत्र की बीट जाजागढ के कक्ष क्र. आर.एफ. 395 मे भदार नदी के किनारे बंमरघाट में बाघों की लडाई हुई ,जिसकी आवाज़ें देर रात तक ग्रामीणों ने सुनी। सुबह सूचना मिलने पर जाजागढ़ पेट्रोलिंग कैंप के श्रमिकों द्वारा वन क्षेत्र में पेट्रोलिंग करने पर  एक मादा बाघ का शव देखा गया, जिसकी आयु लगभग 4 वर्ष अनुमानित है लडाई के स्थान मे बहुत अधिक मात्रा मे खून एवं लडने के स्पष्ट चिन्ह दिखाई दिए। 15.02.21 को दोपहर 12 बजे घटना की सूचना मिलने पर,स्थान की घेराबंदी कर डाग स्क्वायड को  मौके पर भेजा गया। क्षेत्र संचालक श्री विंसेंट रहीम,प्रभारी उप संचालक श्री अनिल शुक्ला, वन्य जीव सहायक शल्यज्ञ डॉ अभय सेंगर, पशु चिकित्सक डॉ विनय पांडे , श्रीमती पांडे, एनटीसीए के प्रतिनिधि श्री सत्येन्द्र तिवारी,परिक्षेत्र अधिकारी श्री वीरेन्द्र ज्योतिषी एवम् परिक्षेत्र पनपथा बफर के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में शव परीक्षण कराया गया। मृत बाघिन के सभी नाखून व दांत यथावत मिले। शरीर पर अनेकों घाव, खोपड़ी की हड्डी टूटा होना तथा सांस नली कटा होना पाया गया। विभिन्न अवयवों के सैंपल एकत्रित किए गए। शव को परीक्षण उपरांत समस्त अधिकारियों, वन्य जीव शल्यज्ञ तथा एनटीसीए के प्रतिनिधि की उपस्थिति में जलाकर पूर्णत: नष्ट किया गया। बाघिन की मृत्यु की सूचना मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक मध्य प्रदेश, एनटीसीए व अन्य संबंधितों को दी गई। निर्धारित एस ओ पी अनुसार प्राथमिक सूचना प्रेषित कर एकत्रित सैंपल जांच हेतु भेजे जाएंगे।

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