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रासायनिक खाद में फर्जीवाड़ा, लाखों का माल जब्त कर कलेक्टर ने जांच शुरु की 

रासायनिक खाद में फर्जीवाड़ा, लाखों का माल जब्त कर कलेक्टर ने जांच शुरु की 

डिजिटल डेस्क, उमरिया/चंदिया। खरीफ बोनी के सीजन में खाद की किल्लत को पूरा करने सोसायटियां नकली खाद बीज खपाने पर उतारू हो गईं। भरेवा, पड़वार के बाद पथरहठा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां कलेक्टर को शिकायत मिली थी कि कोयलारी में सरकारी खाद की बजाए किसी कंपनी का माल बेचा जा रहा है। उसमे भी बिना रेट लिस्ट व शासकीय प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। किसानों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत पर कलेक्टर ने संयुक्त टीम को छापेमारी के लिए भेजा। मौके पर गोदाम में उक्त खाद पाई गई। स्टॉक पंजी में खाद की बिक्री भी दर्ज मिली है। मौका पंचनामा कर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।

डेढ़ लाख से से अधिक की खाद

जांच में मिले रिकार्ड अनुसार पथरहठा सोसायटी में डीएपी खाद की डिमाण्ड थी। इसका फायदा उठाते हुए अधिकारियों की सांठगांठ से दिव्य ज्योति एग्रीकल्चर नाम की संस्था ने प्रोम 50 केजी तथा आर्गनिक मैन्यूअर नाम की संस्था ने 13 जुलाई को यह खाद डीएमओ शहडोल के नाम से भेजी थी। प्रोम 50 केजी 12 एमटी 12,103.75 की दर से 1 लाख 45245 रुपए का माल था। इसी तरह आर्गनिक मैन्यूअर 6 एमटी 38,458 रुपए का खाद पथरहठा सोसायटी मुख्यालय कोयलारी में उतारा गया। कुल 1 लाख 57 हजार 348 की अवैध खाद किसानों के खाते में बतौर कर्ज बेची जा रही थी।

अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

निजी कंपनी की खाद को अवैध तरीके से सोसायटी में खपाने को लेकर सेल्समैन के साथ ही कृषि व सहकारिता विभाग के अफसरों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। शिकायकर्ता किसान परिवार कल्याण संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अरूण तिवारी का कहना है बिना विभागीय सांठगांठ इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं। यह खाद यदि किसानों के खेतों में पड़ती तो उन्हें उत्पादन में तो नुकसान होता ही उनकी पंूजी भी डूब जाती। दुकान के सेल्स

कलेक्टर करेंगे कार्रवाई

मौके पर जांच करने पहुंचे तहसीलदार संदीप जयसवाल, डीडीओ राजेश प्रजापति, एडीओ व कृषि अधिकारियों द्वारा मौका पंचनामा की कार्रवाई की गई। गोदाम व संधारण पंजी की जांच में खाद किसानों को बेचना पाया गया है। नियमानुसार यह खाद पहले डीएमओ के पास से डबल लॉक जानी थी इसके बाद वितरण होना था। दुकान संचालक राजेश सिंह का कहना है उन्होंने अधिकारियों के मौखिक आदेश पर भी खाद बिक्री की है। किसानों को नकद खाद नहीं बल्कि उनके खाते में चढ़ाई गई है।

इनका कहना है 

मौके पर जांच में गोदाम व रिकार्ड खंगाले गए हैं। खाद को निर्धारित मापदण्ड अनुसार यहां की बजाए डीएमओ के पास पहुंचना था। गोदाम में स्टॉक मिला है। मौका मुआयना की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को पेश की जाएगी। संदीप जयसवाल, तहसीलदार
 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।