दैनिक भास्कर हिंदी: अमरनाथ यात्रा में स्वास्थ्य कर्मियों के टिकट आवंटन में सरकार पर लगे भेदभाव के आरोप

May 18th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश की सबसे दुर्गम अमरनाथ यात्रा में यात्रियों के चिकित्सा उपचार में मध्यप्रदेश के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाॅफ अपनी सेवाएं देंगे। इस यात्रा में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लगभग 36 डॉक्टर और 49 कर्मचारियों को अमरनाथ भेजा जाएगा। इसमें सबसे खास बात यह है कि डॉक्टरों को जहां हवाई यात्रा से अमरनाथ भेजा जाएगा तो वहीं तृतीय श्रेणी संवर्ग के कर्मचारियों को ट्रेन और बस सेवा से अमरनाथ भेजने की व्यवस्था की गई है।

इस संबंध में गुरुवार को मप्र स्वास्थ्य संचालनालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके बाद डॉक्टरों और तृतीय श्रेणी संवर्ग के चिकित्सा कर्मचारियों की यात्रा में भेदभाव को लेकर अब कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि चिकित्सकों के लिए पदस्थापना स्थल के निकटस्थ एयरपोर्ट से श्रीनगर एयरपोर्ट तक सरकारी व्यय पर विमान से यात्रा कराई जाएगी। वहीं तृतीय श्रेणी संवर्ग के कर्मचारियों के लिए केवल दिल्ली से श्रीनगर तक विमान से यात्रा की अनुमित और शेष यात्रा पात्रता अनुसार निकटस्थ स्टेशन से दिल्ली तक रेल और बस सेवा द्वारा कराई जाएगी। प्रदेश से भेजे जाने वाले डॉक्टरों में  मेडिकल विशेषज्ञ, अस्थिरोग  विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी जनरल ड्यूटी एवं महिला चिकित्सकों की तीन टीमें गठित की गई हैं। 

तीन चरणों में लगाई ड्यूटी 
अमरनाथ यात्रा में मध्यप्रदेश के डॉक्टरों और तृतीय श्रेणी संवर्ग के कर्मचारियों की तीन चरणों में ड्यूटी लगाई गई है। इनमें इंटरनल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऐनेस्थेसिया, आर्थोपेडिक सर्जरी, एमओ-1, एमओ-2, एमओ-3, एमओ-5 और एमएमओ स्पेशलिटी के डॉक्टरों को ड्यूटी लगाई गई है। 25 जून से 17 जुलाई तक पहला बैच भेजा जाएगा। इसी तरह 15 जुलाई से 6 अगस्त तक दूसरा बैच और 4 अगस्त से 26 अगस्त 2018 तक तीसरा बैच भेजा जाएगा। कुल 36 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 49 कर्मचारियों को भेजा जाना है। इस तरह ग्रेड -2 के 36 फार्मासिस्ट,  4 रेडियोग्राफर और 4 लैबटेक्नीशियन भी यात्रा में शामिल है। 

यात्रा में भेदभाव को लेकर मुख्यमंत्री को लिखेंगे पत्र 
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरूण द्विवेदी और संरक्षक उदय भदौरिया ने यात्रा में भेदभाव का विरोध करते हुए कहा है कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे। इस तरह डॉक्टरों को हवाई यात्रा कराना और तृतीय वर्ग कर्मचारियों को ट्रेन और बस से अमरनाथ भेजा जाना सरकार की ओछी मानसिकता को प्रदर्शित करता हैं। 

इनका कहना है 
डॉक्टरों को हवाई यात्रा और तृतीय श्रेणी संवर्ग के डॉक्टरों को ट्रेन और बस से भेजने की व्यवस्था वित्त विभाग द्वारा तैयार की गई है। इसी के आधार पर हमने आदेश जारी किया है।
विवेक श्रोत्रिय, अपर संचालक प्रशासन स्वास्थ्य संचालनालय मप्र