comScore

मप्र में गृह प्रवेश: पीएम मोदी ने लाभार्थियों से किया संवाद, कहा- पहले गरीब सरकार के पीछे दौड़ता था, अब सरकार लोगों के पास जा रही

मप्र में गृह प्रवेश: पीएम मोदी ने लाभार्थियों से किया संवाद, कहा- पहले गरीब सरकार के पीछे दौड़ता था, अब सरकार लोगों के पास जा रही

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana- Rural) के अंतर्गत निर्मित 1.75 लाख घरों का उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी इस योजना के लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया। पीएम मोदी ने कहा, पहले गरीब सरकार के पीछे दौड़ता था, अब सरकार लोगों के पास जा रही है। अब किसी की इच्छा के अनुसार लिस्ट में नाम जोड़ा या घटाया नहीं जा सकता। चयन से लेकर निर्माण तक वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीका अपनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले के ग्राम सरदारपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े पीएम आवास योजना के हितग्राही गुलाब सिंह और सिंगरौली जिले के हितग्राही प्यारेलाल यादव से चर्चा की। ग्वालियर जिले के हितग्राही नरेंद्र नामदेव से भी पीएम ने चर्चा की।

राज्य के अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों से संवाद करने के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, अभी ऐसे साथियों से चर्चा हुई, जिनको आज अपना पक्का घर मिला है, अपने सपनों का घर मिला है। अब मध्य प्रदेश के पौने 2 लाख ऐसे परिवार, जिनका आज गृह-प्रवेश हुआ उनको बधाई देता हूं। इस बार आप सभी की दीवाली, आप सभी के त्योहारों की खुशियां कुछ और ही होंगी। कोरोना काल नहीं होता तो आज आपके जीवन की इतनी बड़ी खुशी में शामिल होने के लिए आपका प्रधानसेवक आपके बीच होता।

आवास योजना के हितग्राहियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा:-

  • आज का ये दिन करोडों देशवासियों के उस विश्वास को भी मजबूत करता है कि सही नीयत से बनाई गई सरकारी योजनाएं साकार भी होती हैं और उनके लाभार्थियों तक पहुंचती भी हैं। जिन साथियों को आज अपना घर मिला है, उनके भीतर के संतोष, उनके आत्मविश्वास को मैं अनुभव कर सकता हूं।
     
  • सामान्य तौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक घर बनाने में औसतन 125 दिन का समय लगता है। कोरोना के इस काल में पीएम आवास योजना के तहत घरों को सिर्फ 45 से 60 दिन में ही बनाकर तैयार कर दिया गया है। आपदा को अवसर में बदलने का ये बहुत ही उत्तम उदाहरण है। इस तेजी में बड़ा योगदान रहा शहरों से लौटे श्रमिक साथियों का। इन साथियों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान का लाभ उठाते हुए अपने परिवार को संभाला और अपने गरीब भाई-बहनों के लिए घर भी तैयार कर दिया।
     
  • मुझे संतोष है कि पीएम गरीब कल्याण अभियान से मध्य प्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों में करीब 23 हजार करोड़ रुपए के काम पूरे किए जा चुके हैं। 2014 में पुराने अनुभवों का अध्ययन करके, पहले पुरानी योजना में सुधार किया गया और फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के रूप में बिल्कुल नई सोच के साथ योजना लागू की गई। इसमें लाभार्थी के चयन से लेकर गृह प्रवेश तक पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई।
     
  • पीएम गरीब कल्याण अभियान के तहत घर तो बन ही रहे हैं, हर घर जल पहुंचाने का काम, आंगनबाड़ी और पंचायत के भवनों का निर्माण, पशुओं के लिए शेड बनाना, तालाब और कुएं बनाना, ग्रामीण सड़कों का काम, गांव के विकास से जुड़े ऐसे अनेक काम तेजी से किए गए हैं।
     
  • जब गांव में भी जगह-जगह बेहतर और तेज़ इंटरनेट आएगा, जगह-जगह WiFI हॉस्पॉट बनेंगे तो गांव के बच्चों को पढ़ाई और युवाओं को कमाई के बेहतर अवसर मिलेंगे। यानि गांव अब WiFi के ही हॉस्पॉट से नहीं जुड़ेंगे, बल्कि आधुनिक गतिविधियों, व्यापार-कारोबार के भी हॉस्पॉट बनेंगे।
     
  • इसी 15 अगस्त को लाल किले से मैंने कहा था, आने वाले 1 हजार दिनों में देश के करीब 6 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम पूरा किया जाएगा। पहले देश की ढाई लाख पंचायतों तक फाइबर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, अब इसको गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
     
  • प्रधानमंत्री आवास योजना हो या स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनने वाले शौचालय हों, इनसे गरीब को सुविधा तो मिल ही रही है, बल्कि ये रोजगार और सशक्तीकरण का भी ये बड़ा माध्यम हैं। विशेषतौर पर हमारी ग्रामीण बहनों के जीवन को बदलने में भी ये योजनाएं अहम भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, आज पूरा प्रदेश खुश है। प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से मध्यप्रदेश के लाखों गरीब नागरिकों को अपने सपनों का घर मिला। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम 20 लाख आवासों में से 17 लाख मकान बना चुके हैं। देश के हर गरीब का अपना घर हो। इस दिशा में प्रदेश तेजी से बढ़ रहा है।

2022 तक देश के हर परिवार को घर देने का लक्ष्य
मध्‍य प्रदेश में 1.75 लाख परिवारों को घर प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत दिए गए हैं। मोदी सरकार का लक्ष्य 2022 तक देश के हर परिवार को घर देने का है। 

कमेंट करें
wfcrd
कमेंट पढ़े
Omkar Ahirwal September 12th, 2020 15:35 IST

Pradhan mantri ji mera no-9971732884 sir mera abhitak ghar nhi h Na Hame Kabhi कुटीर Di 2 Sarpanch change ho chuke lekin Hume कुटीर nhi di mere bacho ko Rahne ke liye ghar nhi h Sabhi ko bol chuka hu Lekin koi sunta nhi sir pls kuchh kijiye

Vishnubai September 12th, 2020 12:20 IST

Hme p.m aawas Nahi Mila he sir Nahi hame rashna bhi Nahi milta he

NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।