comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

धुलिया में छिड़ी अस्तित्व की लड़ाई , जालना में अपने आमने-सामने

धुलिया में छिड़ी अस्तित्व की लड़ाई , जालना में अपने आमने-सामने

डिजिटल डेस्क, धुलिया। धुलिया में दो पूर्व विधायकों में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। आरोप-प्रत्यारोप शुरू है। इस बार धुलिया शहर में प्रमुख राजनीतिक दलों का नामोनिशान नहीं रहा। दो निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं और इनके बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है। अनिल गोटे और कदमबांडे राजनीतिक अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। विधायक अनिल गोटे को एनसीपी कांग्रेस ने समर्थन देकर गठबंधन में शामिल किया है। यह वही गोटे हैं जो सरेआम एनसीपी कांग्रेस के नेताओं पर व्यक्तिगत हमला बोला करते थे। गोटे मुस्लिमों पर भी डोरे डाल रहे हैं, वहीं कदमबांडे समर्थक सोशल मीडिया पर गोटे के संघी होने के फोटो वायरल कर रहे। दूसरी तरफ, राजवर्धन कदम बांडे पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार होने का आरोप है। दोनों उम्मीदवारों की ओर से व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। 

जालना में दानवे भाइयों की ‘जंग’

जालना जिले के भोकरदन, जाफराबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दानवे परिवारवाद बढ़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2014 के चुनाव में केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहब दानवे के पुत्र संतोष दानवे तथा राकांपा की ओर से पूर्व विधायक चंद्रकांत दानवे के बीच चुनावी जंग छिड़ी थी। इसमें युवा  संतोष दानवे बाजी मार गए। इस चुनाव में सांसद तथा केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहब दानवे ने अपने पुत्र को विजयी बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया, जिससे विधायक चंद्रकांत दानवे हार गए। पिछले पांच वर्षों में एक भी ऐसा मौका नहीं गया, जिसमें पूर्व विधायक चंद्रकांत दानवे को अपने पराजय की टिस नहीं रही। वे समय- समय पर इस बात को अप्रत्यक्ष रूप से बयां करते रहे हैं। इस बार भी चुनाव मैदान में राकांपा की ओर से चंद्रकांत दानवे, भाजपा के संतोष दानवे से भिड़ेंगे।  यहां भी अपने-अपने चुनाव मैदान में आमने सामने हैं और लोग दोनों की जीत के अपने-अपने कयास लगा रहे हैं। 

कमेंट करें
Y9b6z
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।