comScore

विदेश में नौकरी लगाने का झांसा देकर करते थे लाखों की ठगी, पुलिस ने लखनऊ से दबोचा आरोपी

विदेश में नौकरी लगाने का झांसा देकर करते थे लाखों की ठगी, पुलिस ने लखनऊ से दबोचा आरोपी

डिजिटल डेस्क, उमरिया। बेरोजगार युवकों को मोटी सेलरी पैकेज पर विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में लखनऊ से गिरोह के 1 सदस्य को अरेस्ट किया है। आरोपी पेशे से एक इंजीनियर है, जो ऑन लाइन ठगी करता था, जिसके बदले उसे 75हजार रुपए मिला करते थे।

पूछताछ के बाद और भी मामलों का हो सकता है खुलासा-
उल्लेखनीय है कि युवकों को बड़ी कंपनियों में जॉब दिलाने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का उमरिया पुलिस ने भण्डाफोड़ किया है। 20 दिन के भीतर पुलिस ने शिकायत पर एक्शन लेते हुए मास्टर माइण्ड को लखनऊ उत्तरप्रदेश से दबोच लिया है। पकड़ा गया शातिर आरोपी मर्चेण्ड नेवी में कार्य करते हुए एक अन्य साथी के साथ ऑनलाईन माध्यम से ठगी का कारोबार संचालित कर रखा था। एसपी ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और यूपी से आरोपी धनंजय पाण्डेय पिता रामयज्ञ पकड़ा गया। पूछताछ में देशभर के अलग-अलग राज्यों के युवाओं से धोखाधड़ी के रहस्य खुलने की उम्मीद है। बहरहाल पुलिस ने धनंजय को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया है।

पीड़ित से ले चुका था 85 हजार-
मंगलवार को प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकारा वार्ता आयोजित की गई थी। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया पीड़ित अजय यादव निवासी तामान्नारा ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर 85 हजार रुपए ठगने की लिखित शिकायत की थी। तीन अप्रैल को हुए इस घटनाक्रम में 15 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना में पाया गया 8319243163 नंबर से फरियादी को अज्ञात व्यक्ति का फोन कॉल आया था। उसने अपना नाम राजेश कुमार सिंह ग्रेटर मुंबई से बताते हुए सिंगापुर की शिप कंपनी में नौकरी का ऑफर दिया। पूरा सौदा फोन पर दोनों के बीच 1 लाख 30 हजार रुपए में हुआ था। आधा पैसा नौकरी के पहले और आधा ज्वाइनिंग के बाद दिया जाना था। पीड़ित द्वारा सौदे की आधी रकम 7 अप्रैल को पहली किश्त के रूप में इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खाता क्रमांक राजेश कुमार बैंक आफ बड़ौदा ग्रेटर मुंबई खाता 12900100008491 में भेज दिया। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर आवेदक के ई-मेल आईडी में भेज दिया था। अजय को नौकरी के अप्वाइंटमेंट वाले दस्तावेज में संदेह हुआ। उसी नंबर पर दोबारा फोन लगाने पर मोबाईल नंबर ही बंद बताने लगा।

सायबल सेल की मदद से खुलासा-
युवक की शिकायत पर पुलिस कोतवाली पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार के नाम पर 420, 487, 468, 470, 471 सहित अन्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया। प्रकरण को विवेचना में लेकर मोबाइल नंबर के आधार पर खोजबीन शुरु की। सायबर सेल की टीम को सफलता मिली और पतासाजी होने पर एसपी सचिन शर्मा ने एक टीम टीआई राकेश उइके के नेतृत्व में यूपी रवाना कर दी। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। जबकि प्रकरण में एक अन्य आरोपी राजेश सिंह फरार बना हुआ है।

मर्चेंट नेवी में काम करता था आरोपी-
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया पकड़ा आरोपी धनंजय पाण्डेय पिता रामयज्ञ (24) निवासी गोण्डा छपिया लखनऊ का रहने वाला है। युवक मर्चेण्ड नेवी में कार्य करते हुए भारत के विभिन्न बंदरगाह में घूम चुका था। इसके अलावा विदेशों की भी यात्रा की थी। इसके लिए बकायदा उसे 15 सौ डॉलर (75,000) मिलते थे। पेशे से इंजीनियर धनंजय को इस कार्य के लिए कंपनी अच्छी खासी वेतन देती थी। तभी ठग गिरोह के अन्य सदस्य राजेश सिंह के साथ उसकी मुलाकात हुई और दोनों ने पिछले 3-4 सालों से ऑनलाईन ठगी का यह कारोबार शुरु कर दिया। पुलिस सूत्रों की माने तो मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान, यूपी सहित अन्य कई राज्यों के युवकों को इन्होंने चूना लगा दिया है। बहरहाल रिमाण्ड के दौरान अन्य सुराग मिलने से गिरोह के कार्यों का खुलासा हो सकेगा।

टीम को मिलेगा पुरस्कार-
ऑनलाईन ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अंतराज्यीय गिरोह पर शिकंजा बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रकरण में फरार एक अन्य साथी राजेश सिंह की भी सघनता से रैकी की जा रही है। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने 10 हजार का ईनाम घोषित किया था। यह राशि टीआई के नेतृत्व में टीम को प्रदान की जाएगी।

कोतवाली की टीम ने फर्जी दस्तावेज के माध्यम से ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को पकडऩे में सफलता हासिल की है। एक आरोपी फरार है, उसकी भी सघनता से तलाश की जा रही है।
सचिन शर्मा, पुलिस अधीक्षक उमरिया

कमेंट करें
hjZ79