दैनिक भास्कर हिंदी: नीलामी की राशि में हेराफेरी - छह सीएमओ सहित 10 को नोटिस , मामला 9 करोड़ का

November 9th, 2019

डिजिटल डेस्क उमरिया । उमरिया। उमरिया नगरपालिका में आईडीएसएमटी योजना की राशि उपयोग करने के मामले में 10 लोगों को नोटिस जारी हुई है। इनमे छह पूर्व सीएमओ सहित परिषद के चार कर्मचारी शामिल हैं। ये लोग वर्ष 2013 से फरवरी 2018 तक निर्वाचित परिषद के दौरान यहां पदस्थ रहे थे। तीन दिन में इनके जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई सुनिश्चित होगी। नीलामी में प्राप्त राशि 903.16 लाख रूपये मे से 690.81 लाख रूपये योजना मद के मूल खाते में जमा न होने की बात कही गई है। बहरहाल तीन दिन के भीतर सभी लोग अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। फिर मामले में कलेक्टर अपना अगला कदम उठाएंगे।
ज्ञात हो कि इसके पूर्व इस मामले की लोकायुक्त व ईओडब्ल्यू से जांच की अनुशंसा की जा चुकी है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशानुसार रिल्वाल्विंग फंड की राशि की जांच में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कंचन खट्टर के कार्यकाल के दौरान निकाय में पदस्थ रहे तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी क्रमश: शैलेंद्र सिंह चौहान, नारायण दुबे मूल पद सफाई निरीक्षक, जीएस बघेल, अनिल दुबे, डीएस परिहार एवं हेमेश्वरी पटले तथा तत्कालीन लेखापाल नरेंद्र कुमार पाण्डेय मूल पद सहायक ग्रेड 2, अनिल पुरी मूल पद सहायक ग्रेड- 3 एवं तत्कालीन कैसियर मनीष शाहा मूल पद सहायक राजस्व निरीक्षक एवं यादवेंद्र सिंह मूल पद सहायक ग्रेड- 3 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी संबंधितों से तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण चाहा गया है। जवाब प्राप्त होते ही कार्यवाही के लिए नगर पालिका के प्रशासन प्रस्ताव शासन को भेजेंगे।
ये है पूरा मामला
नगर पालिका की तरफ से कहा गया है कि आईडीएसएमटी योजना के अंतर्गत निर्मित दुकानों की हुई नीलामी हुई थी। 12 फरवरी 2013 से 2018 तक 136 से 140 दुकाने इनमे बस स्टैण्ड की 92, नये बस स्टंैड में 17 तथा स्टेडियम की तीन दुकाने शामिल हैं। इसी प्रकार संजय मार्केट सामुदायिक भवन के आगे पीछे तथा ल्याकत अली के घर के पास 24 दुकानो की नीलामी 5 फरवरी 2016 से 18 फरवरी 2017 तक की गई जिसमें 3 करोड़ 21 लाख 7 हजार संजय मार्केट नाम से पृथक खाता खोलकर सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में जमा किए गए। इसी प्रकार पुराने बस स्टैण्ड में निर्मित 92 दुकानों की नीलामी से प्राप्त राशि 9 करोड़ 3 लाख 16 हजार प्राप्त हुए थे, जिसमें 2 करोड़ 12 लाख 34 हजार 382 मात्र ही योजना मद के संधारित खाता एसबीआई मार्केट एरिया उमरिया शाखा में जमा हुए थे। शेष राशि 6 करोड 90 लाख 81 हजार 618 निकाय की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए समय समय पर निकाय के विभिन्न बैकों में संचालित निकाय निधि खातों में जमा कराई गई। इसे अनियमितता की श्रेणी में रखते हुए नगर पालिका अधिकारी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर ईओडब्ल्यू तथा लोकायुक्त जांच करने की अनुशंसा की थी।