दैनिक भास्कर हिंदी: नियम विरुद्ध चल रहे हैं पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज, मान्यता खत्म होगी

August 21st, 2017

डिजिटल डेस्क, डिंडौरी। जिला मुख्यालय में चल रहे आधा दर्जन पैरा मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग होम शासन की गाइडलाइन के नियम से नहीं चल रहे हैं। RTI कार्यकर्ता ने जानकारी निकालकर जिला प्रशासन को शिकायत की थी। जांच के बाद जिला प्रशासन ने राज्य शासन को 6 पैरा मेडिकल कॉलेज की जानकारी दी है कि इन कॉलेजों को भविष्य में मान्यता न दी जाए।

आदिवासी जिला डिंडौरी में मेडिकल शिक्षा के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों को कई वर्षों से शिक्षा के ठेकेदार ठग रहे है, जो कहीं भी दो कमरे का किराए का मकान लेकर पैरा मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज शुरू कर देते है। भोपाल में अधिकारियों की मदद से इन्हें कॉलेज खोलने की अनुमति भी बड़ी जल्द मिल जाती है। जब RTI कार्यकर्ता सतीश श्रीवात्री ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाली तो पता चला कि ये कॉलेज तो शासन की गाइडलाइन का पालन ही नहीं कर रहे हैं और आदिवासी युवक-युवतियों की Scholarship का पैसा भी डकार रहे है। लिहाजा RTI कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन से इस बावत शिकायत की और जिला प्रशासन ने मामले को गम्भीरता से लेते हुये एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जाँच टीम बनाकर जाँच करवाई, जिसमें खुलासा हुआ कि अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर, कैसे इन शिक्षा के ठेकेदारों ने कॉलेज खोलने का खेल खेला है। टीम की जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को जानकारी भेजी कि नर्मदा इंस्टिट्यूट आफ पैरा मेडिकल कॉलेज, रियर इंस्टिट्यूट आफ पैरा मेडिकल कॉलेज, भारत इंस्टिट्यूट आफ नर्सिंग कॉलेज, विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज ,अनन्या स्कूल ऑफ नर्सिंग कॉलेज, प्राप्ति पैरा मेडिकल कॉलेज को भविष्य में मान्यता न दी जाए।

खबरें और भी हैं...