comScore

मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्ती से करें कार्रवाई - स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी 220 प्रकरणों में 30 लाख 62 हजार का अर्थदण्ड

November 18th, 2020 16:56 IST
मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्ती से करें कार्रवाई - स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी 220 प्रकरणों में 30 लाख 62 हजार का अर्थदण्ड

डिजिटल डेस्क, रायसेन। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों पर अगस्त माह से संचालित अभियान में अब तक की कार्रवाई में मिलावटखोरी करने वालों के विरुद्ध 285 प्रकरण दर्ज करवाए गए और 220 प्रकरणों में मिलावटखोरों पर 30 लाख 62 हजार का अर्थ दंड अधिरोपित किया गया है। कुल अधिरोपित अर्थदंड से 15 लाख पाँच हजार की वसूली भी की जा चुकी है। सी. जे. एम. कोर्ट में दर्ज 39 प्रकरण पर भी सुनवाई जारी है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को अभियान के तहत मिलावटखोरों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही को और अधिक सख्ती से करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान संचालित किया गया है। विभाग द्वारा अभियान के तहत खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वालो के विरुद्ध की गई मंत्री डॉ. चौधरी ने प्रदेश की जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावटखोरों एवं नकली सामग्री निर्माण एवं विक्रय करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हाल ही में सभी संभागों के लिये संभागीय चलित प्रयोगशाला बैन को भोपाल से रवाना किया गया था। यह चलित प्रयोगशाला सुदूर क्षेत्रों में मौके पर पहुँचकर खाद्य पदार्थों के नमूनों का संकलन, जाँच, और खाद्य पदार्थों में मिलावट के संबंध में जन-जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ईट राइट चैलेंज के अंतर्गत शामिल जिलों में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की संख्या में वृद्धि, क्लीन स्ट्रीट फूड हब, इट राइट स्कूल, ईट राइट कैम्पस और जन जागरूकता के कार्यक्रमों को संचालित करने की गतिविधियाँ भी शामिल की गई है। मिलावटखोरी के विरूद्ध चलाये गये अभियान के दौरान की गई कार्यवाही में 6428 निरीक्षण और जांच के लिए 2941 खाद्य पदार्थो के नमूने लिए गए। राज्य खाद्य चलित प्रयोगशाला से 521, मैजिक बाक्स के माध्यम से 2158 और अन्य स्रोतों से 438 खाद्य पदार्थों के सर्विलेंस नमूने लिए गए। जांच के लिए संकलित 6428 सर्विलेंस नमूनों में राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा 3638 नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की गई। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों में धारा 32 के अंतर्गत 484 मिलावटखोरों को नोटिस जारी किए गए। राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा पिछले तीन माह की अवधि में खाद्य पदार्थ के संकलित नमूनों की जांच कर 3638 की रिपोर्ट दी गई। इनमें से 3064 नमूने मानक स्तर के पाए गए और 311 नमूने अमानक स्तर के पाए गए। इसके साथ ही 207 नमूने मिथ्या छाप के पाए गए। कुल संकलित खाद्य पदार्थो के नमूनों में 24 नमूने असुरक्षित प्रकार के पाए गए। धारा 32 के अतिरिक्त अन्य धाराओं में प्रतिबंधित नमूनों की संख्या 32 पाई गई। मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध शक्ति से अभियान को संचालित कर रही है। खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट नहीं हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग का अमला पूरे प्रदेश में खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यवाही कर रहा है।

कमेंट करें
j8Ru7
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।