comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

आधी रात को एडीजे के घर घुसे लुटेरे - मारपीट कर की लूटपाट , पुलिस कर रही जांच

आधी रात को एडीजे के घर घुसे लुटेरे - मारपीट कर की लूटपाट , पुलिस कर रही जांच

डिजिटल डेस्क, उमरिया। यहां एडीजे के घर पिछली रात कुछ बदमाशों ने धावा बोलकर लूट की घटना को अंजाम दिया है। घटना के वक्त बंगले पर  एडीजे अकेले थे और उनका सुरक्षा गार्ड छुट्टी पर था । आरोपी आधी रात के बाद एडीजे सुरेन्द्र शर्मा के घर में घुसे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने एडीजे के साथ मारपीट भी की। घर में रखी ज्वैलरी और नगदी आदि लूटकर भाग गए। अभी ये स्पष्ट नहीं है कि कितनी ज्वैलरी और कैश ले गए हैं।

प्रशासन की असफलता 

इस मामले को लेकर पूरी तरह से प्रशासन की असफलता नजर आ रही है । जिस दिन गार्ड नहीं था उसी दिन वारदात का होना , छुट्टी पर जा रहो गार्ड के स्थान पर कोई और गार्ड की डियूटी न लगाना तथा थाना क्षेत्र की गश्त कैसी था कि एक बड़े न्यायायिक अधिकारी के घर पर बदमाशों ने हमला बोल दिया और उसे भनक तक नहीं लगी , ये सभी ऐसे प्रश्न है जिनका उत्तर प्रशासन के पास फिलहाल नहीं है ।

आधी रात को घुसे बदमाश

आधी रात को बदमाश घर में घुसे उन्होंने एडीजे के साथ मनमानी की , कीमती सामान लूटा और बंगले का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गए ।घटना के बाद एडीजे ने अपने पीए को बुलाया फिर पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना के बाद एसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए । इस मामले में पुलिस ने मामले में आधा दर्जन से अधिक असामाजिक तत्वों को पकड़ा है जिनसे पूछताछ की जा रही है। 

आरोपी पर दर्ज किया गया हत्या के प्रयास का मामला 

बुढ़ार में सोमवार को बाइक सवार को ठोकर मारने के मामले में पुलिस ने आरोपी वाहन चालक सफ्फार खान उर्फ सज्जू के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। वहीं आरोपी की तलाश की जा रही है। बुढ़ार थाना प्रभारी आरके धारिया ने बताया कि पहले धारा 279, 337, 184 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। घायल कपिल जायसवाल निवासी सिरोंजा के बयान लेने के बाद धारा 307 जोड़ी गई है। जो ऑडियो वायरल हुआ था, उसमें आरोपी से बात करने वाले चंद्रेश के बयान भी लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश में टीम लगी हुई है। बुढ़ार में कॉलेज तिराहा के पास सोमवार दोपहर रांग साइड से आकर स्कार्पियो चालक ने बाइक को तेज ठोकर मारी थी। 
 

कमेंट करें
XNSMs
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।