comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

फ्रांस में प्रदर्शित हुई उमरिया की जुंधईयाबाई  की चित्रकारी -इटली में भी हो चुकी 

फ्रांस में प्रदर्शित हुई उमरिया की जुंधईयाबाई  की चित्रकारी -इटली में भी हो चुकी 

डिजिटल डेस्क उमरिया। कला की तीर्थ नगरी कहे जाने वाले फ्रांस में  देश से उमरिया की प्रतिभा भी पहुंची है। तीन अक्टूबर से 20 तक इस अंतराष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी में  पेरिस के आउट साइडर आर्ट-3 नाम से यह सम्मेलन हो रहा है। इसके पूर्व जुंधईया बाई के चित्र ईटली के मिलान की प्रदर्शिनी में कवर पेज पर स्थान पा चुके हैं। दावा किया जा रहा है कि यह पहला मौका है जब किसी बैगा वृद्ध महिला कलाकार ने देश की सीमा को पारकर यह गौरव हासिल किया है।जुंधईया बैगा के गुरू कलाकार आशीष स्वामी ने बताया पैरिस की एक संस्था वहां अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शिनी आउट साइडर आर्ट-3 नाम से आयोजन कराती है। उनके कार्यकर्ता इस दौरान विभिन्न देशों की अनूठी चित्रकारियों पर नजर रखते हैं। जुंधईया की बनाई पेंटिंग के बारे में उन्हें पता चला। फिर संपर्क कर नई कला कृतियां मंगाई गईं। चयनित होने पर अब उन्हें 3 अक्टूबर से पैरिस में कलाप्रेमियों को दिखाया जा रहा है।
प्रतिभा के दमपर बनी अंतराष्ट्रीय कलाकार
विलुप्त संरक्षित जनजाति बैगा समुदाय से आने वाली जुंधईया बाई को हाल ही में इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया है। इस वृद्ध कलाकार को इस स्तर में उभारने के लिए प्रसिद्ध चित्रकार आशीष स्वामी का बड़ा योगदान है। पश्चिम बंगाल स्थित शांति निकेतन वि.व. से कला की शिक्षा प्राप्त आशीष मुंबई  में कर्मस्थली से जन्मभूमि पर कुछ करने का जुनून लेकर उमरिया लौटे थे। आदिवासी कला को संरक्षित करने यहां लोढ़ा गांव में एक म्यूजियम जनगण तस्वीर खाना बनाया। फिर इनके जैसे अन्य बैगा व आदिवासी कलाकारों को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है।
खासी प्रसिद्धी है जुंधईया की
प्रसिद्धी के बारे में इस वृद्ध कलाकार का कोई शानी नही है। ये शिव भक्ति, बघेसुर पूजा, ट्रायवल आर्ट, प्रकृति सौंदर्य विषय पर ज्यादा पेंटिंग करती हैं। अंतर आत्मा की अभिव्यक्ति से चित्रित रूप को कागज में आकार देना इनकी खासियत है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित फिल्मी हस्तियां उनकी कलाकृति देखने लोढ़ा स्थित म्यूजियम तक पहुंच चुके हैं। जनजातीय संग्रहालय भोपाल, शांति निकेतन मेला वेस्ट बंगाल, भारत भवन भोपाल, मानव संग्रहालय में इनकी बनाई पेंटिंग को स्थान मिला है। इसके अलावा विदेशों से अक्सर कलाप्रेमी पर्यटक म्यूजियम में आकर ट्रायवल आर्ट के गुर सीख रहे हैं।
 

कमेंट करें
qwRMy
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।