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काशी: मोदी के प्रस्तावक रहे डोम राजा जगदीश चौधरी का निधन, पीएम और सीएम योगी ने जताया दुख

काशी: मोदी के प्रस्तावक रहे डोम राजा जगदीश चौधरी का निधन, पीएम और सीएम योगी ने जताया दुख

हाईलाइट

  • वाराणसी के डोम राजा जगदीश चौधरी का निधन
  • पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख
  • 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी के प्रस्तावक थे चौधरी

डिजिटल डेस्क, वाराणसी। 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के प्रस्तावक रहे डोम राजा जगदीश चौधरी (Dom Raja Jagdish Chaudhary) का मंगलवार को निधन हो गया। जगदीश चौधरी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उत्तर प्रदेश के काशी में मणिकर्णिका महाश्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा। डोम राजा के निधन पर पीएम मोदी, गृह मंत्री और सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है।

पीएम मोदी ने जताया दुख 
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, वाराणसी के डोम राजा जगदीश चौधरी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। वे काशी की संस्कृति में रचे-बसे थे और वहां की सनातन परंपरा के संवाहक रहे। उन्होंने जीवनभर सामाजिक समरसता के लिए काम किया। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, डोम राजा सनातन संस्कृति की सबसे अभिन्न कड़ी हैं जो अपनी अग्नि से लोगों को मोक्ष का द्वार दिखाते हैं। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि डोम राजा श्री जगदीश चौधरी जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, सामाजिक समरसता की भावना के प्रतीक पुरुष, काशीवासी डोमराजा जगदीश चौधरी का निधन अत्यंत दुःखद है। चौधरी जी का निधन सम्पूर्ण भारतीय समाज की एक बड़ी क्षति है।

गौरतलब है कि, 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के चार प्रस्तावक थे। इनमें डोम राजा जगदीश चौधरी, बीएचयू के महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉक्टर अन्नपूर्णा शुक्ला, बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता और कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर रामशंकर पटेल थे।

मोदी का प्रस्तावक बनने पर डोम राजा जगदीश चौधरी ने कहा था, पहली बार किसी राजनीतिक दल ने हमें यह पहचान दी है और वह भी खुद प्रधानमंत्री ने। हम वर्षों से लानत झेलते आए हैं। हालात सुधरे हैं, लेकिन समाज में हमें पहचान नहीं मिली है। प्रधानमंत्री अगर चाहेंगे तो हमारी स्थिति जरूर बेहतर होगी।

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