बड़ी सफलता: 10 करोड़ का मादक पदार्थ हशीश ऑयल की तस्करी मामले का मुख्य आरोपी ओडिशा से किया गया गिरफ्तार

10 करोड़ का मादक पदार्थ हशीश ऑयल की तस्करी मामले का मुख्य आरोपी ओडिशा से किया गया गिरफ्तार
  • हशीश ऑयल तस्करी मामले के मुख्य आरोपी को ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाके से गिरफ्तार
  • 19 अप्रैल 2026 की रात नलदुर्ग पुलिस नाकाबंदी कर रही थी

Dharashiv News. नलदुर्ग पुलिस ने 10 करोड़ 38 लाख रुपये के हशीश ऑयल तस्करी मामले के मुख्य आरोपी को ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाके से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने गुप्त और तकनीकी जांच के आधार पर यह कार्रवाई की।

19 अप्रैल 2026 की रात नलदुर्ग पुलिस नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी कार से हशीश ऑयल से भरा बैग सड़क पर फेंककर फरार हो गए। घटनास्थल से जब्त नशीले पदार्थ की कीमत 10 करोड़ 38 लाख 20 हजार रुपये बताई गई।

इस मामले में नलदुर्ग पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 114/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20(ब), 20(ii)(C), 25 और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। जांच पुलिस अधीक्षक रितु खोखर, अपर पुलिस अधीक्षक शफकत आमना और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद इज्जपवार के मार्गदर्शन में चल रही थी।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। इससे पहले दो आरोपियों को नासिक जिले के मालेगांव से गिरफ्तार किया गया था। जांच में ओडिशा निवासी प्रसेनजीत ख्रिमहन दास (33) का नाम मुख्य सप्लायर और विक्रेता के रूप में सामने आया। आरोपी के बारे में केवल नाम की जानकारी थी, जिससे उसकी तलाश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।

6 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन खटके के नेतृत्व में एक विशेष टीम ओडिशा रवाना हुई। जांच के दौरान टीम को सूचना मिली कि आरोपी दुर्गम पहाड़ी और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिस टीम ने जनतापाई क्षेत्र में साहसिक अभियान चलाकर आरोपी को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए नलदुर्ग पुलिस स्टेशन लाया गया है। मामले की जांच जारी है।

क्या है हशीश ऑयल

हशीश ऑयल एक मादक पदार्थ है, जो कैनाबिस यानी गांजा के पौधे से तैयार किया जाता है। इसे कैनाबिस ऑयल या टीएचसी ऑयल भी कहा जाता है। इसमें टीएचसी (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल) नामक नशीला तत्व अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है, जिसके कारण इसका असर सामान्य गांजा से कई गुना ज्यादा होता है।

हशीश ऑयल आमतौर पर गाढ़े और चिपचिपे तरल के रूप में होता है। इसका रंग पीला, भूरा या काला हो सकता है। नशा करने वाले लोग इसका उपयोग धूम्रपान, वेपिंग या अन्य तरीकों से करते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, हशीश ऑयल का सेवन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। इसके सेवन से व्यक्ति को नशे की लत लग सकती है। साथ ही याददाश्त कमजोर होना, घबराहट, मानसिक तनाव और व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

भारत में हशीश ऑयल का निर्माण, बिक्री, परिवहन और सेवन एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। अवैध तस्करी और कारोबार करने वालों के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाती है।

Created On :   10 May 2026 7:53 PM IST

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