सूखे की मार: बेहाल किसानों के बीच पहुंचे आदित्य ठाकरे, फसल का निरीक्षण कर सरकार पर साधा निशाना, मिरखेल में किसान ने लगाई फांसी

बेहाल किसानों के बीच पहुंचे आदित्य ठाकरे, फसल का निरीक्षण कर सरकार पर साधा निशाना, मिरखेल में किसान ने लगाई फांसी
  • खरीफ फसलों के नुकसान का लिया जायजा, संकटग्रस्त किसानों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं
  • परभणी समेत मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति पर जताई चिंता, किसानों को हरसंभव मदद का आश्वासन
  • दौरे में अंबादास दानवे समेत शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
  • बारिश ने छीनी फसल, कर्ज की चिंता में किसान ने खेत में पेड़ से फांसी लगाकर दी जान

डिजिटल डेस्क, परभणी. युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने रविवार सुबह करीब 10 बजे तहसील के टाकली कुंभकर्ण शिवर का दौरा किया। उन्होंने खरीफ फसलों का मौके पर निरीक्षण कर संकट का सामना कर रहे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। ठाकरे ने किसानों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पूरे मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति को देखते हुए खरीफ सीजन की फसलों को हुए नुकसान और मवेशियों के लिए चारे-पानी की समस्या को लेकर किसानों में चिंता है। इसी पृष्ठभूमि में आदित्य ठाकरे रविवार को मराठवाड़ा के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने टाकली कुंभकर्ण क्षेत्र में खेतों का जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद कर फसलों की स्थिति की जानकारी ली। दौरे के दौरान शिवसेना नेता तथा मराठवाड़ा संपर्क नेता विधायक अंबादास दानवे, परभणी लोकसभा संपर्क प्रमुख प्रदीप कुमार खोपडे, स्थानीय विधायक डॉ. राहुल पाटिल, पूर्व विधायक मीरा रेंगे, शिवसेना जिला प्रमुख विष्णु मुरकुटे, शिवलिंग बोधने, प्रभाकर जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों के बीच पहुंचे आदित्य ठाकरे, सूखा राहत को लेकर सरकार से जवाब मांगा

उधर वरफड में किसानों से मुलाकात के दौरान आदित्य ठाकरे ने सूखे और फसल नुकसान से पैदा हुए हालात को लेकर सरकार के राहत उपायों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है, लेकिन घोषणा के बाद अब राहत का लाभ प्रत्येक प्रभावित किसान तक पहुंचाना जरूरी है। ठाकरे ने सरकार से पिछले साल के अतिवृष्टि राहत पैकेज और जलयुक्त शिवार योजना के तहत खर्च की गई राशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी की। राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित तहसीलों के लिए कर्ज पुनर्गठन, कृषि ऋण की वसूली स्थगित करने, भू-राजस्व में रियायत और अन्य राहत उपाय घोषित किए हैं। किसान अयोध्या गंगाधर जाधव के खेत में पहुंचकर खराब सोयाबीन की फसल का जायजा लिया। किसानों से चर्चा के बाद उन्होंने बैंक की जब्ती और वसूली की कार्रवाई रोकने, पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने तथा लंबित फसल बीमा की रकम शीघ्र दिलाने की मांग रखी। फसल खराब होने से आर्थिक परेशानी झेल रहे परिवारों के बच्चों की शैक्षणिक फीस पूरी तरह माफ करने की मांग भी उन्होंने की। खेतों की स्थिति देखने पहुंचे विद्यार्थियों ने भी पढ़ाई का खर्च उठाने में आ रही दिक्कतें बताईं। ठाकरे ने किसानों से विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए उनकी मांगों को लेकर आंदोलन करने की बात कही


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बारिश ने छीनी फसल, कर्ज की चिंता में किसान ने खेत में पेड़ से फांसी लगाकर दी जान

उधर मिरखेल के एक छोटे किसान ने बैंक के कर्ज और सोयाबीन की बुआई के लिए उधार लिए बीज-खाद के पैसे चुकाने की चिंता में अपने खेत में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार, 26 सितंबर की रात सामने आई। मृतक की पहचान मुकुंद एंगडे (62) के रूप में हुई है। मुकुंद एंगडे ने अपने खेत के गट नंबर 54 में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी मिलते ही ताडकलस पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक सिद्धार्थ आचार्य और बीट जमादार पांडुरंग पडोळे मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया। मुकुंद एंगडे के परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ताडकलस पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Created On :   27 Sept 2026 7:17 PM IST

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