लोकसभा: धाराशिव-परभणी में सोयाबीन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं, राज्य में 14.39 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं दोनों जिले

धाराशिव-परभणी में सोयाबीन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं, राज्य में 14.39 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं दोनों जिले
  • धाराशिव और परभणी जिले में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं
  • चौधरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान यह जानकारी दी

New Delhi News. केंद्र सरकार ने मंगलवार को टो टूक कहा कि महाराष्ट्र के धाराशिव और परभणी जिले में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान यह जानकारी दी। उस्मानाबाद लोकसभा सीट से सांसद ओमप्रकाश निंबालकर और परभणी से सांसद संजय जाधव के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि महाराष्ट्र के धाराशिव में (4.54 लाख हेक्टेयर) और परभणी (2.76 लाख हेक्टेयर) जिले मिलकर राज्य के कुल सोयाबीन क्षेत्र (50.72 लाख हेक्टेयर) का लगभग 14.39 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं। राज्य के विभिन्न कृषि-पारिस्थितिकी क्षेत्रों में सोयाबीन के उत्पादन में वृद्धि, गुणवत्ता में सुधार और किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दो राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ (परभणी) और डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ (अकोला) तथा एक स्वायत्त संस्थान-आघारकर अनुसंधान संस्थान (पुणे) के सहयोग से सोयाबीन पर एआईसीआरपी का संचालन कर रही है।

चौधरी ने बताया कि वर्ष 2014 से 2025 के दौरान राज्य के सोयाबीन उत्पादकों के लिए उपयुक्त फसल प्रबंधन प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ जलवायु-अनुकूल और उच्च उपज वाली सोयाबीन की कुल 48 किस्मों को अधिसूचित किया गया है।

Created On :   21 July 2026 9:23 PM IST

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