Pune City News: पुणे में प्रदूषण पर सख्ती की तैयारी: शिवाजीनगर और पेठ क्षेत्र में ‘लो एमिशन ज़ोन’ का प्रस्ताव

पुणे में प्रदूषण पर सख्ती की तैयारी: शिवाजीनगर और पेठ क्षेत्र में ‘लो एमिशन ज़ोन’ का प्रस्ताव
  • पुराने वाहनों पर लग सकता है विशेष प्रदूषण शुल्क
  • नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

भास्कर न्यूज, पुणे। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन ने शिवाजीनगर और पेठ क्षेत्रों में ‘लो एमिशन ज़ोन’ (कम प्रदूषण क्षेत्र) लागू करने की योजना पर विचार शुरू किया है। इस प्रस्ताव के तहत अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर विशेष प्रदूषण शुल्क लगाया जा सकता है।

हाल ही में जिला कलेक्टर कार्यालय में इस विषय पर विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और यातायात नियोजन क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे। पुणे महानगरपालिका के मुख्य अभियंता अनिरुद्ध पावसकर भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में प्रस्तुत विभिन्न अध्ययनों के अनुसार पुणे शहर में वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहन हैं। वर्ष 2020 में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि पुणे महानगर क्षेत्र में सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) प्रदूषण का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से उत्पन्न होता है। ये सूक्ष्म कण मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माने जाते हैं।

वर्ष 2023 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार पुणे और पिंपरी-चिंचवड क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले लगभग 70 प्रतिशत वाहन ‘भारत स्टेज-4’ या उससे पुराने इंजन तकनीक वाले हैं। केंद्र सरकार द्वारा लागू ‘भारत स्टेज’ उत्सर्जन मानकों में वर्तमान में ‘भारत स्टेज-6’ तकनीक को सबसे कम प्रदूषण फैलाने वाला माना जाता है।

अध्ययन के अनुसार वर्ष 2000 से पहले पंजीकृत एक कार लगभग 11 आधुनिक ‘भारत स्टेज-6’ कारों के बराबर प्रदूषण फैलाती है, जबकि पुराने तकनीक वाले एक ट्रक से लगभग 14 आधुनिक ट्रकों जितना प्रदूषण होता है। इसके अलावा ‘भारत स्टेज-6’ डीजल कार से निकलने वाले सूक्ष्म कण ‘भारत स्टेज-3’ डीजल कार की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत कम होते हैं।

इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन शिवाजीनगर और पेठ क्षेत्रों में ‘लो एमिशन ज़ोन’ लागू करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार ‘भारत स्टेज-3’ या उससे पुराने इंजन तकनीक वाले वाहनों को इन क्षेत्रों में प्रवेश के लिए दैनिक प्रदूषण शुल्क देना पड़ सकता है। यदि संबंधित शुल्क अग्रिम रूप से जमा नहीं किया गया, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Created On :   16 March 2026 2:37 PM IST

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