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रीवा न्यूज: सीएम हेल्पलाइन में शिकायत पड़ी भारी, महीनों से लंबित खसरा प्रकरण हुआ खारिज

डिजिटल डेस्क रीवा।जिले के रायपुर कर्चुलियान तहसील में राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर किसानों और आम नागरिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक मामूली खसरा सुधार प्रकरण में महीनों तक आदेश का इंतजार और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद प्रकरण खारिज किए जाने के आरोप ने अनुविभागीय अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऐसा ही एक मामला किसान इंजी. दिवाकर सिंह का सामने आया है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में खेत की मेड़ से संबंधित खसरा सुधार के लिए अनुविभागीय अधिकारी, तहसील रायपुर कर्चुलियान के न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। प्रकरण में संबंधित सभी खातेदारों के बयान एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही 7 अप्रैल 2025 तक पूरी हो चुकी थी और फाइल आदेश के लिए प्रस्तुत कर दी गई थी। इसके बावजूद लंबे समय तक आदेश पारित नहीं हुआ। जब कई महीनों तक प्रकरण का निर्णय नहीं हुआ तो उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के निराकरण के बजाय मामला लंबित रहा और इसी बीच उनके मूल खसरा सुधार प्रकरण को खारिज कर दिया गया। इंजी. दिवाकर सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत किए जाने के बाद उनके प्रकरण को खारिज किया जाना संदेह पैदा करता है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि जब प्रकरण आदेश के लिए प्रस्तुत हो चुका था, तो उसे इतने लंबे समय तक लंबित क्यों रखा गया और बाद में किन आधारों पर खारिज किया गया।
कार्यालय में अधिकारी की मौजूदगी पर भी उठ रहा सवाल
यहां इस तरह के कई शिकायतकर्ता है जिन्होंने अनुविभागीय अधिकारी पर नियमित रूप से कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारी के कार्यालय में कम बैठने के कारण पूरे विकासखंड से आने वाले किसानों और आम लोगों को राजस्व संबंधी मामलों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका दावा है कि अधिकारी की कथित कार्यप्रणाली से क्षेत्र के किसान लंबे समय से परेशान हैं। यदि किसी राजस्व प्रकरण में सुनवाई और आदेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो, तो उसके निर्णय में अनावश्यक विलंब को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
Created On :   26 Sept 2026 4:42 PM IST










