रीवा न्यूज: जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का त्योहार अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया. शहर में निकाला जुलूस

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का त्योहार अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया. शहर में निकाला जुलूस
विभिन्न मस्जिदों में सुबह सादिक के वक्त सलातो-सलाम का नजराना पेश किया गया तथा फातेहा के बाद तबर्रुक तकसीम किया गया

डिजिटल डेस्क रीवा।सारे आलम के लिये रहमत बनाकर भेजे गये खुदाबन्द करीम के महबूब नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की दुनिया में तशरीफ आवरी के मुबारक मौके पर 12वीं रबीउल अव्वल को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का त्योहार पूरे शहर एवं जिले में जोशो-खरोश, अकीदत और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस मुबारक अवसर पर शहर एवं जिले की विभिन्न मस्जिदों में सुबह सादिक के वक्त सलातो-सलाम का नजराना पेश किया गया तथा फातेहा के बाद तबर्रुक तकसीम किया गया. इस अवसर पर शहर के कई मार्गो से भव्य जुलूस निकाला गया. जिला जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी जलसा/जुलूस शहर कमेटी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह नमाज-ए-फजिर के बाद शहर की मस्जिदों, मदरसों एवं खानकाहों में कुरआन ख्वानी, फातेहा एवं लंगर-ए-आम का एहतमाम किया गया। इसके उपरांत विभिन्न स्थानों से जुलूसों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। सुबह 7 बजे मदरसा इस्लामिया बिछिया के बच्चों का जुलूस बिछिया तकिया से निकाला गया। इसके बाद दोपहर 1 बजे हमीदिया कालोनी ढेकहा का मजमा जयस्तम्भ चौराहा होते हुए घोघर रिसालदार मस्जिद के पास पहुंचा, जहां घोघर के जुलूस के साथ शामिल होकर पंचमठा रोड होते हुए सोनी बिल्डिंग पहुंचा। इसी क्रम में बिछिया का जुलूस हजरत दाराशाह मजार से प्रारंभ होकर रानी तालाब मार्ग से चुन्हाई कुआं पहुंचा। यहां नया बस स्टैण्ड एवं बाणसागर क्षेत्र के जुलूस भी शामिल हुए और सभी जुलूस तरहटी की ओर आगे बढ़े। तरहटी पहुंचने पर वहां के जुलूस के साथ मिलकर शाहभोलन, सिटी कोतवाली रोड होते हुए सोनी बिल्डिंग पहुंचे। इसके बाद फोर्ट रोड पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए जुलूसों एवं अकीदतमंदों का विशाल मजमा एकत्रित हुआ, जहां से मुख्य जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ते हुए शक्कन टोला, अशोक बाबा, फोर्ट रोड, सिंधी चौराहा, स्टेच्यू चौराहा, प्रकाश चौराहा एवं छोटी दरगाह होते हुए बड़ी दरगाह अमहिया पहुंचा। मुख्य जुलूस में खाना-ए-काबा, मक्का मुकर्रमा, मदीना मुनव्वरा, मस्जिद-ए-अक्सा, करबला शरीफ एवं हजरत अली की तलवार ‘जुल्फिकार’ के तोगरे आकर्षण का केन्द्र रहे। बड़ी दरगाह अमहिया पहुंचने के बाद विभिन्न क्षेत्रों से आए जुलूस अपने-अपने निर्धारित मार्गों से वापस अपने स्थानों के लिये रवाना हुए। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के लिये शहर के विभिन्न स्थानों पर लंगर, फल, बिस्किट, मिठाइयां एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत करते हुए सेवा एवं सत्कार किया।


Created On :   26 Aug 2026 6:37 PM IST

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