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बाढ़ का तांडव: चित्रकूट नगर बना टापू, सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन

डिजिटल डेस्क,सतना। बीते 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश की वजह से चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर हो गई। नतीजतन, चित्रकूट नगर टापू में तब्दील हो गया। मध्यप्रदेश सरकार को सेना की मदद लेनी पड़ी। प्रयागराज से भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर पहुंचा और छतों में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि 25 फीट लम्बे पुल की रेलिंग टूट गई। फिलहाल पुल के क्षतिग्रस्त होने का अंदाजा नहीं हो सका।
जबलपुर-रीवा से बुलाई गई एनडीआरएफ की टीमें
हासिल जानकारी के मुताबिक चित्रकूट में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए जबलपुर-रीवा से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की 3 एवं यूपी से दो टीमें बुलाई गई हैं। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की दो टीमें पूर्व से ही चित्रकूट में तैनात हैं। प्रशासन लगातार माइकिंग के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने के लिए आगाह कर रहा है। पुलिस प्रशासन अब तक 4 सौ से ऊपर बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज चुका है। जिला प्रशासन ने चित्रकूट में 5 स्थानों पर राहत शिविर बनाए हैं।
खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर आज अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर से काफी ऊपर पहुंच गया। नदी का अधिकतम जलस्तर 146.74 मीटर रिकॉर्ड किया गया। बाणसागर के कार्यपालन यंत्री के मुताबिक मंदाकिनी नदी का पानी उतार पर है। शाम 5 बजे की स्थिति में जलस्तर 141.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यानी अधिकतम स्तर 146.74 मीटर से शाम 5 बजे तक जलस्तर में 5.48 मीटर की कमी दर्ज की गई है।
रेल ट्रैक पर भरा पानी, 21 यात्री गाडिय़ां प्रभावित
भारी बारिश के कारण मुंबई-हावड़ा रेलखंड के खुटहा-चितहरा के पास रेलवे टै्रक पर 1 फीट पानी 300 सौ मीटर तक भर गया। इस दौरान मुम्बई-हावड़ा रेल खंड पर अप और डाउन का ट्रैक सुबह 9 से साढ़े 10 बजे तक बंद हो गया। सिग्नल की समस्या सुबह 5 बजे से ही बनी रही, जिस कारण से 21 पैसेंजर गाडिय़ां प्रभावित हुईं। रेलवे ने जहां सतना-मानिकपुर मेमू टे्रन को रद्द कर दिया। वहीं खुटहा-चितहरा के बीच सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक कॉशन आर्डर पर टे्रन को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। हालात को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने रेलवे टै्रक और ब्रिजों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
सतना में 5 इंच बारिश
मूसलाधार बारिश से सतना में कई घरों के अंदर पानी भर गया। लोगों की खाद्य सामग्री, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स बारिश की भेंट चढ़ गए। सडक़ें दरिया बन गईं। आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय, बिरसिंहपुर और नागौद में 5-5 इंच बारिश रिकॉर्ड गई जबकि जसो में 4, बरौंधा में 3 तथा उचेहरा और सोहावल ब्लॉक में 1-1 इंच बारिश दर्ज की गई।
Created On :   29 Aug 2026 9:15 PM IST










