Satna News: सरभंग मुनि आश्रम पहुंचे युवा, बाटी-चोखा बनाकर दिया पर्यटन विकास का संदेश

सरभंग मुनि आश्रम पहुंचे युवा, बाटी-चोखा बनाकर दिया पर्यटन विकास का संदेश
धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की उठी मांग, युवाओं ने कहा- रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है धार्मिक पर्यटन

डिजिटल डेस्क,सतना। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर नगर के उत्साही युवाओं के दल ने प्रसिद्ध तपोस्थली सरभंग मुनि आश्रम पहुंचकर क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन संभावनाओं को सामने रखने का संदेश दिया। युवाओं ने आश्रम के प्राकृतिक परिवेश में पारंपरिक टिक्कड़-भरता (बाटी-चोखा) का सहभोज किया और क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की मांग उठाई।

युवाओं ने कहा कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट से जुड़े सरभंग मुनि आश्रम, सुतीक्ष्ण आश्रम, गैबी नाथ धाम बिरसिंहपुर,धारकुंडी स्थित सद्गुरु आश्रम और बेधक जैसे पौराणिक स्थलों में आध्यात्मिक एवं पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यदि शासन-प्रशासन इन स्थलों को चिह्नित कर एकीकृत पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करे तो विंध्य और महाकोशल क्षेत्र में पर्यटन के साथ स्थानीय विकास को भी गति मिल सकती है।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का जरिया बन सकता है पर्यटन

भ्रमण के दौरान युवाओं ने कहा कि धार्मिक पर्यटन केवल श्रद्धा और भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से चाय-नाश्ते की दुकानों, स्थानीय खाद्य पदार्थों, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य छोटे व्यवसायों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

युवाओं ने वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. रामगोपाल सोनी द्वारा सामने लाए गए तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राम वन गमन पथ से जुड़े इन आश्रमों और स्थलों का पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व व्यापक है। उन्होंने इन स्थलों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता बताई। युवाओं का कहना था कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर ढंग से विकसित किया जाए तो देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रामायणकालीन स्थलों की प्रामाणिक जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिला समरसता प्रमुख मुकेश कुमार गौतम, जिला संस्कृति प्रमुख शिवम त्रिपाठी और श्री गैवीनाथ ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष पंकज माली प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा समाजसेवी बलराम पयासी, बलराम पांडेय, कुंडल बाबा, शिवम पंडा, चिंटू सिंह, राजू चौरसिया, नवीन माहुले और अतुल श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Created On :   27 Sept 2026 6:36 PM IST

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