Seoni News: 7 पटवारियों पर गिरी गाज, पूर्व एसडीएम पर पहुंची आंच

7 पटवारियों पर गिरी गाज, पूर्व एसडीएम पर पहुंची आंच
बरघाट में बेहिसाब पेड़ों की कटाई का मामला, जांच प्रतिवेदन में गड़बड़झाला, दो-दो वेतन वृद्धियां रोकी गईं

डिजिटल डेस्क,सिवनी। बरघाट में बेहिसाब पेड़ों की कटाई के मामले में राजस्व विभाग की मिलीभगत सामने आई है। यहां पर आम के अलावा अन्य पेड़ों की कटाई की गई, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और बताई गई। जब मामले की जांच कराई गई तो पता लगा कि पटवारियों ने प्रतिवेदन में कुछ और लिखा है और मौके पर दूसरी स्थिति है। इस मामले में कलेक्टर नेहा मीना ने सात पटवारियों पर कार्रवाई करते हुए उनकी दो-दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी हैं। वहीं दूसरी ओर जबलपुर कमिश्नर ने तत्कालीन एसडीएम संदीप श्रीवास्तव के खिलाफ विभागीय जांच शुरु की है।

पूरा मामला गोलमाल

पेड़ कटाई से संबंधित प्रकरणों की जांच के दौरान संबंधित पटवारियों के प्रस्तुत प्रतिवेदनों और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया। कुछ मामलों में वृक्षों की कटाई से संबंधित विवरण और मौके पर उपलब्ध स्थिति में भिन्नता सामने आई, जबकि कुछ प्रकरणों में मौके पर काटे गए वृक्षों की लकड़ी अथवा ठूंठ नहीं मिले। जांच के दौरान प्रतिवेदनों में संपूर्ण तथ्यों को शमिल नहीं किए जाने और जरूरी रिकॉर्ड संलग्न नहीं होने जैसी गड़बड़ी भी सामने आईं।

पूर्व में दिया गया था नोटिस

प्रकरण में सामने आई इन विसंगतियों के आधार पर संबंधित पटवारियों की भूमिका की जांच की गई। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए थे। जब पटवारियों का जवाब मिला तो वे समाधानकारक नहीं पाए गए। ऐसे में लकड़ी तस्करों को फायदा पहुंचाने के लिए विभाग की साठगांठ से इंकार नहीं किया जा सकता।

इन पटवारियों पर कार्रवाई

प्रकरण में पटवारी हल्का सुकला एवं अरी के दिनेश वंशकार, पटवारी हल्का क्रमांक 7 ग्राम बोरीकला के अर्पित बघेल, पटवारी हल्का क्रमांक 45 ग्राम सर्रा के हिमांशु तिवारी, पटवारी हल्का क्रमांक 5 ग्राम खर्रापाठ की स्नेहिल बघेल, पटवारी हल्का क्रमांक 83 ग्राम दुल्हापुर के इन्द्रपाल उइके, पटवारी हल्का क्रमांक 18 ग्राम मलारा के रोहिश मसीह तथा पटवारी हल्का क्रमांक 42 ग्राम कांचना के चैनसिंह नेवारे की दो-दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई हैं।

तत्कालीन एसडीएम भी जद में

इस मामले में तत्कालीन एसडीएम संदीप श्रीवास्तव की भूमिका भी विभागीय कार्रवाई के दायरे में आई है। कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कमिश्नर ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की है। जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में जांच के दौरान अन्य गंभीर त्रुटियां सामने आने अथवा वरिष्ठ कार्यालय से निर्देश प्राप्त होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

Created On :   11 Oct 2026 3:08 PM IST

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