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Seoni News: जगह-जगह अवैध होर्डिंग की भरमार, बेखबर जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क,सिवनी। प्रदेश में करीब 9 साल पहले लागू किए गए मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 की सिवनी शहर में जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जगह-जगह नियम-कायदों को ताक पर रखकर अवैध होर्डिंग तान दिए गए हैं। कहीं सडक़ से सटकर होर्डिंग लगे हैं, तो कहीं शासकीय भूमि तक पर कब्जा जमाकर अवैध तरीके से होर्डिंग लगा दिए गए हैं।
शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग की भरमार के बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार बेखबर हैं। जिला प्रशासन भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जबकि ये अवैध होर्डिंग कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यह भी बताया जा रहा कि नगर पालिका की होर्डिंग शाखा की मेहरबानी से होर्डिंग एजेंसी नियमों का पालन नहीं कर रही है।
कार्रवाई के बाद फिर स्थिति जस की तस
मई 2024 में दैनिक भास्कर ने शहर में जगह-जगह लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर लगातार खबरों का प्रकाशन किया था। इसके बाद नगर पालिका परिषद कार्रवाई के लिए मजबूर हुई थी। आश्चर्यजनक तरीके से यह भी उजागर हुआ था कि शहर में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग का काम लेने वाली एजेंसियों द्वारा विज्ञापन बुक कर कमाई तो की जा रही थी, लेकिन नगर पालिका में राशि ही जमा नहीं कराई जा रही थी।
तब से लेकर वसूली के लिए नोटिस जारी करने का सिलसिला विगत माह तक जारी रहा। राशि जमा नहीं करने वाली एक होर्डिंग एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई भी की गई है, लेकिन एक के बाद एक शहर में अवैध होर्डिंग्स फिर से जगह-जगह तान लिए गए हैं।
क्या कहता है नियम
मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 का पालन न करते हुए शहर में उन स्थानों भी होर्डिंग लगा दिए गए हैं, जहां नियम के तहत होर्डिंग लगाए ही नहीं जा सकते। शहर में लगे होर्डिंग भारतीय सडक़ कांग्रेस की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। सडक़-फुटपाथ से 3 मीटर की दूरी नियमों के तहत होना आवश्यक है, लेकिन नगर पालिका की होर्डिंग शाखा के अमले की मिलीभगत से शहर में जगह-जगह ठीक सडक़ किनारे ही होर्डिंग तान दिए गए हैं। सडक़ के एक ही ओर दो होर्डिंग के बीच की न्यूनतम दूरी 50 मीटर से कम नहीं होना चाहिए, लेकिन शहर में एक दूसरे से सटाकर भी होर्डिंग लगाए गए हैं।
शिक्षण संस्थाओं तक को नहीं छोड़ा
मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के प्रावधान का न होर्डिंग एजेंसी पालन कर रही हैं और न ही नगर पालिका परिषद पालन करा पा रही है। सडक़ जंक्शन पर नियम के तहत होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता, लेकिन अंबेडकर चौक टर्निंग, बीएसएनएल कार्यालय के सामने, गांधी भवन के बगल में अवैध तरीके से होर्डिंग लगाए गए हैं।
शिक्षण संस्थाओं में होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है, लेकिन नगर पालिका कार्यालय के सामने ही शासकीय हिन्दी मेन बोर्ड स्कूल परिसर में, बस स्टैण्ड क्षेत्र में उर्दू स्कूल की बाउण्ड्रीवाल के भीतर होर्डिंग का ढांचा तानकर धड़ल्ले से प्रचार किया जा रहा है।
हादसे की बनी रहती है आशंका
शहर में होर्डिंग्स लगाने के नियम कायदों को तार-तार किया जा रहा है। ऐस स्थानों पर भी होर्डिंग्स लगा दिए गए हैं, जहां नियमों के तहत इन्हें लगाया नहीं जा सकता। जगह-जगह अवैध तरीके से ताने गए होर्डिंग्स के कारण वाहन चालकों का ध्यान भंग हो रहा है। इससे पूरे समय हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
शहरवासी नितिन डेहरिया, राजकुमार पटले, रमेश कुमार आदि का कहना है कि जिला प्रशासन को इस मामले में संज्ञान लेते हुए नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अवैध रुप से लगाए गए होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई करने की सख्त हिदायत के साथ निर्देशित करना चाहिए।
Created On :   27 July 2026 10:29 PM IST












