खाद-बीज के लिए परेशान न हों किसान, भरे जाएं सड़क़ के गड्ढे: जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित दिशा समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित दिशा समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा
जिले के किसानों को खाद और बीज के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए।

Seoni News: जिले के किसानों को खाद और बीज के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। बालाघाट-सिवनी मार्ग के गड्ढों और साइड शोल्डर की मरम्मत का काम शीघ्र कराया जाए। यह निर्देश जिला पंचायत सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अफसरों को दिए गए। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले में संचालित विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। अफसरों से कहा गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों और आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। बैठक मे सांसद भारती पारधी, विधायक दिनेश राय, विधायक कमल मर्सकोले, जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डेहरिया, नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया सहित जनपद अध्यक्ष,अन्य जनप्रतिनिधि व अफसर मौजूद रहे।

समय पर पूर्ण किए जाएं परियोजनाओं के काम

बैठक में जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के सिंचित रकबे, संचालित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। सांसद कुलस्ते ने हर्रई-बिजना माइक्रो सिंचाई परियोजना, गुनगुच लघु सिंचाई परियोजना सहित अन्य बहुउद्देशीय परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय भवनों एवं सडक़ों की प्रगति का परीक्षण किया गया। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग को मानसून पूर्व विद्युत लाइनों की मरम्मत एवं आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।

पौधरोपण के बाद निगरानी भी हो

कृषि विभाग की समीक्षा में खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई। कहा गया कि किसानों को खाद और बीज के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान इस वर्ष प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्यक्रम और पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली गई। अफसरों से कहा गया कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

दवाईयों की रहे उपलब्धता

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं, मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) तथा एएनसी सेवाओं की समीक्षा की गई। मानसून को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, एंटी स्नेक वेनम तथा अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया। बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए भी कई निर्देश दिए गए।

Created On :   19 Jun 2026 6:30 PM IST

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