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शहडोल न्यूज: शहडोल में प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छ भारत मिशन में मनमानी

डिजिटल डेस्क शहडोल शहडोल शहर के जमुआ डंप साइट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 में जमकर पलीता लगाया जा रहा है। कचरे के पहाड़ को वैज्ञानिक तरीके से 4 माह में साफ करने के लिए सतना के मेसर्स मिश्रा टे्रडर्स को 1.43 करोड़ रूपए का ठेका 11 मार्च 2025 को दिया गया तो यह काम डेढ़ साल यानी 18 माह बाद भी पूरा नहीं हुआ। यहां कचरे के पहाड़ को वैज्ञानिक तरीके से साफ करने के लिए सबसे जरूरी ट्रोमेल मशीन ही स्पॉट पर नहीं है। बड़ी बात यह है कि काम में ट्रोमेल मशीन लगाने के लिए सीएमओ द्वारा जारी नोटिस भी बेअसर साबित हुआ है। 26 नवंबर 2025, 23 जनवरी 2026 को काम में सुधार और प्रगति के साथ ही 20 फरवरी 2026 और 25 सितंबर को नोटिस जारी कर ट्रोमेल मशीन के साथ ही अन्य उपकरण लगाकर कचरा सेग्रीगेशन करने कहा गया, इसके बाद भी स्पॉट पर मशीन नहीं लगा। शहर के नागरिक भी सवाल उठा रहे हैं कि बिना मशीन के कचरे की सफाई कैसे हो रही है। काम में प्रोग्रेस भी बताया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल द्वारा ठेकेदार को राशि भुगतान करने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया। इसमें काम की प्रगति 55 प्रतिशत बता दिया गया। अध्यक्ष के पत्र पर सवाल इसलिए भी उठ रहा है कि स्पॉट पर मशीन लगे बिना कचरे का सेग्रीग्रेशन आखिर कैसे हो रहा है। बतादें कि वर्कआर्डर के डेढ़ माह बाद ही काम में गति बताकर ठेकेदार ने 28 लाख रूपए का बिल लगाया, जिसमें तत्कालीन सीएमओ अक्षत बुंदेला ने 20 लाख रूपए का भुगतान भी कर दिया। अब कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने और मशीन लगाकर नियमानुसार का काम करवाने के लिए सीएमओ आशा भंडारी द्वारा पत्राचार किया जा रहा है। इधर, इस पूरे मामले में मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स के राकेश मिश्रा का कहना है कि 60 प्रतिशत काम करने के बाद भी 20 प्रतिशत भुगतान हुआ है। स्पॉट पर प्रतिदिन फ्रेश कचरा भी डंप किया जा रहा है, ऐसे में कचरे का पहाड़ कैसे साफ होगा। जहां तक मशीन की है तो पूर्व में लगाया गया था, काम पूरा हो जाने के बाद ट्रोमेल मशीन दूसरी साइट में ले गए। टीएल मीटिंग में कलेक्टर भी कह चुके हैं बिना मशीन के कैसे साफ हो रहा कचरा- जमुआ डंप साइट में कचरे के पहाड़ को साफ करने के नाम पर गड़बड़ी का मामला कलेक्टर पार्थ जायसवाल के सामने भी आ चुका है। टीएल बैठक में कलेक्टर भी कह चुके हैं कि बिना ट्रोमेल मशीन के सेग्रीगेशन कैसे हो रहा है, वैज्ञानिक निपटान आखिर कैसे हो रहा है। गड्ढे में कचरा भरकर प्रोगे्रस दिखाने का मामला आ चुका है सामने- जमुआ डंप साइट में कचरे को गड्ढे में भरकर मैदान को साफ दिखाने की कोशिश का मामला भी सामने आ चुका है। इसके लिए रात में जेसीबी मशीन लगाई गई, जिसकी शिकायत पूर्व में थाने में करवाई गई थी।
Created On :   6 Oct 2026 6:41 PM IST
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