शहडोल न्यूज: दक्षिण भारत वाला पक्के मकान का मॉडल अपनाकर शहडोल के 22 गांव में 717 परिवारों को पीएम आवास से सुरक्षा की तैयारी

कच्चे मकान वाले परिवारों की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है।
डिजिटल डेस्क शहडोल. झारखंड से पलायन कर छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंचे 16 जंगली हाथियों की संख्या 8 साल में बढक़र 115 से ज्यादा हुई तो 26 हाथियों ने शहडोल के उत्तर वनमंडल अंतर्गत बाणसागर डैम के बैकवाटर क्षेत्र को अपना नियमित आवास बनाया। यहां हाथियों का मूवमेंट बढ़ने से 22 गांव में 717 परिवारों के कच्चे मकान अब बाधा बन रहे हैं। इन घरों में जंगली हाथी अनाज की गंध पाकर मकानों को आसानी से तोडक़र अंदर घुस रहे हैं। इसमें अनाज को नुकसान के साथ ही हाथियों के हमले से लोगों की भी जान जा रही है और हाथी-मानव द्वंद्व के हालात बन रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए अब पीएम आवास का सहारा लेने की तैयारी है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल बताते हैं कि कच्चे मकान वाले परिवारों की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। पीएम आवास का प्रपोजल ऊपर भेजा जाएगा। समस्या पर उत्तर वनमंडल के डीएफओ तरुणा वर्मा का मानना है कि दक्षिण भारत में जंगली हाथियों की संख्या ज्यादा होने के बाद भी हाथी-मानव द्वंद्व की चुनौती कम रहने में सुरक्षित कॉरिडोर, शुरुआती चेतावनी, रात की गश्त, सुरक्षित बिजली-रेल ढांचा और समुदाय की भागीदारी के साथ-साथ गांव में बड़ी आबादी के पास पक्के मकान की भी भूमिका है, जो हाथियों से सुरक्षा में ढाल का काम करती है। हाथियों के मूवमेंट वाले 22 गांव में पीएम आवास योजना के 10 साल में 1940 पक्के मकान बने, फिर भी 717 की दरकार- अंबार गांव में 102 कच्चे मकान हैं, दाल में 23, शहरगढ़ 84, करही 28, झिरिया 53, ढेका 38, सतखुरी 56, रामगढ़ 56, चुरियारीटोला पुरानी बस्ती 26, नई बस्ती 18, चंदोला 44, बडक़ीडोल 42, खरहरा 24, बरहठा 37, देवर्दा 23, हनुमानपुर 1, मैर 18, तिखवा 3, गाजर 8 मढैचाटोला 8, चरका 10 व झिरिया में 15 हैं। इन गांव में वर्ष 2016 में पीएम आवास योजना चालू होने के बाद 10 साल में 1940 पक्के मकान बने हैं। शहडोल के आसपास कहां कितने जंगली हाथी- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व 65 शहडोल नार्थ वनमंडल 26 संजय टाइगर रिजर्व 22 अनूपपुर जिले में 04 हाथियों से नुकसान के मामले: - ब्योहारी रेंज में मई 2025 में हाथियों के हमले से 3 ग्रामीणों उमेश कोल, देवगनिया बैगा और मोहनलाल पटेल की मौत हो गई। - नवंबर 2025 में खन्नौधी के मलमाथर में 19 हाथियों के झुंड ने 20 एकड़ क्षेत्रफल में फसल को नुकसान पहुंचाया। - मार्च 2026 में बुढ़ार रेंज में घर तोडक़र हाथियों ने धान और महुआ खा लिया, अनाज नुकसान के ऐसे 50 से ज्यादा मामले हैं।

Created On :   6 Oct 2026 6:31 PM IST

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