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शहडोल न्यूज: भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहे पुलों से झांक रहे सरिया

डिजिटल डेस्क शहडोल नेशनल हाईवे-43 के मुडऩा बायपास पर करीब 10 किलोमीटर के हिस्से में बने पुल-पुलियों की जर्जर हालत निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। उमरिया जिले की सीमा के बाद शुरू होकर किया तिराहा जमुआ तक के इस हिस्से में तीन बड़े पुल और तीन छोटी पुलिया हैं। इनमें कई जगह सडक़ टूट चुकी है, बड़े गड्ढे बन गए हैं और पुलियों की सरिया तक बाहर निकल आई हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति मेडिकल कॉलेज चौक से सोहागपुर थाना की ओर कोतमा चौक से पहले नाले पर बनी पुलिया की है। पुलिया के ऊपर सडक़ क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे हैं। एक गड्ढा इतना गहरा है कि उसमें लगी लोहे की सरिया बाहर निकल आई है। आकलन के मुताबिक करीब एक मिनट में 10 बड़े वाहन, 20 बाइक, 5 ऑटो और 10 कारें यहां से गुजरती हैं। ऐसे में जर्जर पुलिया पर कोई वाहन अनियंत्रित हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। एनएच के काम में गुणवत्ता पर सवाल- खास बात यह है कि एनएच-43 के इस हिस्से का काम आधिकारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा जर्जर पुल-पुलियों ने निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुराने ढांचे की हालत अभी ऐसी है तो नए काम में गुणवत्ता की निगरानी और भी जरूरी होगी। सोहागपुर थाना के पहले की पुलिया भी जर्जर सोहागपुर थाना के पहले टांकी नाले पर बनी पुलिया का भी यही हाल है। यहां भी सडक़ टूट चुकी है और बड़े गड्ढे के साथ लोहे की सरिया बाहर दिखाई दे रही है। आसपास की छोटी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद इनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका है मुडऩा नदी का पुल- राजा बाग के आगे मुडऩा नदी का पुल भी शनिवार को दोबारा क्षतिग्रस्त हुआ है। रविवार को इसकी मरम्मत कराई गई। सवाल यह है कि जिस पुल पर बार-बार क्षति हो रही है, वहां की मरम्मत कितनी टिकाऊ है। लोगों का कहना है कि शनिवार को जिस हिस्से में पुल क्षतिग्रस्त हुआ, उसके ठीक बगल में पहले भी इसी तरह टूट-फूट हो चुकी थी।
Created On :   6 Oct 2026 6:38 PM IST
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