Shahdol News: 31 साल पहले भालू के हमले से आंख खोने वाली बैगा महिला को 6 माह से नहीं मिली पेंशन

31 साल पहले भालू के हमले से आंख खोने वाली बैगा महिला को 6 माह से नहीं मिली पेंशन
आधार इसलिए नहीं क्योंकि आंख नहीं है, अब पंजीयन भी हुआ तो 3 माह इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि यही सरकारी नियम

डिजिटल डेस्क,शहडोल। शहडोल जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर कोईलारी गांव की 64 वर्षीय बैगा महिला लीला बाई को 31 साल पहले भालू के हमले से आंख गंवाने के बाद शायद उतना दर्द नहीं हुआ होगा जितना 60 वर्ष की उम्र पार करने के बाद हर माह मिलने वाली 6 सौ रूपए दिव्यांग पेंशन के अब 6 माह से बंद हो जाने के कारण हुआ।

दरअसल सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए केवायसी अनिवार्य कर दिया है, और लीलाबाई की केवायसी इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि 1995 में 33 साल की उम्र में भालू के हमले से दोनों आंख खो देने के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बना। दिव्यांग पेंशन बंद होने के बाद लीलाबाई और उनके पति अकाली बैगा ने गांव में सचिव को कई बार परेशानी बताई पर लाभ नहीं मिला।

अब प्रशासन ने लीलाबाई के आधार कार्ड बनने के लिए पंजीयन करवा दिया है तो भी 3 माह इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि 18 वर्ष के बाद आधार कार्ड पंजीयन के लिए नंबर जारी होने में 3 माह का समय लगता है।

जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा ने बताया कि लीलाबाई के परेशानी का पता चलते ही कलेक्टर के निर्देश पर गांव गए और संकटापन्न योजना दस हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।

आधार कार्ड बनाने के लिए वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। अब आधार का पंजीयन हो गया है। जल्द पंजीयन नंबर मिल जाए इसके लिए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह द्वारा यूएडीआई के उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जा रही है।

बहु-पोता अलग, पति के साथ अकेले गुजारा

जयसिंहनगर ब्लॉक के कोईलारी गांव में लीलाबाई बैगा पति अकाली के साथ पीएम आवास में अकेले ही रहती हैं। उनके बेटे नहीं हैं और बहू व पोता अगल से बने पीएम आवास में रह रहे हैं। हालांकि इनका घर कुछ दूरी पर है।

Created On :   2 July 2026 6:14 PM IST

Tags

Next Story