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Shahdol News: जंगल दर्ज सरकारी जमीन की 2 बार हुई रजिस्ट्री फिर भी 28 साल बाद रिकार्ड में नहीं घटा रकबा

डिजिटल डेस्क,शहडोल। गोहपारू तहसील के दियापीपर गांव में खसरा नंबर 703/1 रकबा 67.60 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में जंगल मध्यप्रदेश शासन दर्ज होने के बाद भी दो बार रजिस्ट्री हो गई। जानकर ताज्जुब होगा कि इसके बाद भी 2026 के राजस्व रिकॉर्ड में जमीन का रकबा उतना ही यानी 67.60 एकड़ 27.1140 हेक्टेयर दर्ज है।
इस पूरे मामले की शिकायत के बाद कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने जांच के निर्देश दिए हैं। शहडोल कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह से रिपोर्ट मांगी है। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग के तत्कालीन पटवारी, आरआई (राजस्व निरीक्षक) और तहसीलदार की कार्यशैली पर सीधे तौर पर सवालिया निशान लग रहा है कि आखिर जंगल दर्ज जमीन की रजिस्ट्री किए जाने के दौरान पुराने रिकॉर्ड खंगाले नहीं गए या फिर जान बूझकर आंख बंद कर ली गई। कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पता लगेगा कि कहां गड़बड़ी हुई, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नियम विरूद्ध व्यवस्थापन
खसरा नंबर 703/1 रकबा 67.60 एकड़ मध्यप्रदेश शासन जंगल की जमीन का व्यवस्थापन करने का अधिकार राजस्व अधिकारी को नहीं है। फिर भी अंश भाग 4.95 एकड़ 2.004 हेक्टेयर राजस्व प्रकरण क्रमांक 197/अ-19(4)1990-91 में पारित आदेश दिनांक 15 अप्रैल 1991 को सारिका प्रकाश पिता प्रसन्न कुमार प्रयास के नाम नियम विरूद्ध तरीके से व्यवस्थापन कर दिया गया।
कमिश्नर से शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह रकबा मूल खसरे में घटाया नहीं गया। इसमें से अंश भाग 0.733 हेक्टेयर जमीन 8 मई 2015 को नवनीत गौतम पिता भास्कर गौतम (30 जून को आरआई पद से रिटायर) को रजिस्ट्री करवाई गई और नवनीत गौतम ने पूरी जमीन 0.733 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री 10 नवंबर 2025 को वर्षा तनेजा पति जयसिंह तनेजा के नाम करवाई। जिसका नामांतरण 20 जनवरी 2026 को गोहपारू तहसील से हुआ।
गलत रजिस्ट्री हुई है तो रजिस्टार को देखना था
दियापीपर में खसरा नंबर 703/1 में गलत रजिस्ट्री हुई है तो यह तत्कॉलीन रजिस्टार के साथ ही पटवारी व दूसरे अधिकारियों को देखना चाहिए था। तब तो पूरा दस्तावेज देखकर ही रजिस्ट्री की गई थी।
- भास्कर गौतम
हमने जमीन की रजिस्ट्री पूरी तस्दीक कर करवाई थी। वहां रिसॉर्ट बनाने के लिए डायवर्सन भी करवाया है। हमे जमीन बेचने वाले के पिता आरआई हैं, अगर कुछ गड़बड़ निकलता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर किस पर भरोसा किया जाए।
- जयसिंह तनेजा
Created On :   2 July 2026 6:38 PM IST












