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400 विकेट लेने वाले इस क्रिकेटर ने किए हैं कई कारनामे, 'mystery'बॉल से किया चकित  

400 विकेट लेने वाले इस क्रिकेटर ने किए हैं कई कारनामे, 'mystery'बॉल से किया चकित  

हाईलाइट

  • गेंदबाज रंगना हेराथ का 43वां बर्थ-डे है।
  • 19 मार्च, 1978, को कुरुनगला में जन्मे रंगना हेराथ का पूरा नाम हेराथ मुदियंसलगे रंगना कीर्थी बांदरा हेराथ है।
  • उन्होंने 433 विकेट लेने का एक रिकॉर्ड कायम किया।

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  जब भी श्रीलंका की क्रिकेट टीम के गेंदबाजों की बात होती है तो सबसे पहले नाम आता है मुथैया मुरलीधरन, लेकिन इनके बाद एक और बाएं हाथ के स्पिनर हैं जिन्होंने ना केवल श्रीलंका को कई मैच जिताए, बल्कि मैदान पर कई बार ऐसे कारनामे किए कि दुनिया देखती रह गई। आज इसी गेंदबाज रंगना हेराथ का 43वां बर्थ-डे है। 19 मार्च, 1978, को कुरुनगला में जन्मे रंगना हेराथ का पूरा नाम हेराथ मुदियंसलगे रंगना कीर्थी बांदरा हेराथ है। बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में उनकी ताकत, उनकी सटीकता और लंबे-लंबे स्पेल डालने की उनकी क्षमता रही। यहीं वजह रही कि उन्होंने 433 विकेट लेने का एक रिकॉर्ड कायम किया। वह एक ऐसी तेज डिलीवरी करते थे, जिसे 'mystery'बॉल कहा जाता था। 

हेराथ ने 1999 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।  डेब्यू टेस्ट में ही अपनी 'मिस्ट्री' गेंद से तहलका मचा दिया था और 4 विकेट हासिल किए थे। हालांकि, 2004-05 और 2009 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों में 11 विकेट लेकर सबको हैरान कर दिया था। उन्हें बिलकुल अंतिम समय में टीम में उस समय शामिल किया गया था, जब  मुथैया मुरलीधरन चोटिल होने की वजह से मैच से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्होंने मैच में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरी पारी में महज 15 रन देकर 4 विकेट लिए और पाक की पूरी टीम 117 रन पर आलआउट हो गई। इसके बाद 168 रन के मिले लक्ष्य को श्रीलंका ने हासिल कर लिया और पाकिस्तान मैच हार गया। 

इसी तरह 2011 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हेराथ ने 9 विकेट लेकर श्रीलंका को पहली बार टेस्ट मैच में जीत दिलाई। इससे पहले वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में लगातार 8-8 विकेट लेकर धमाल मचा चुके थे। इसी तरह, 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 108 रन देकर 11 विकेट लिए और दो साल बाद 2014 में कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ 14 विकेट लिए थे। उन्होंने चटगांव में एक विश्व टी 20 मैच में न्यूजीलैंड के लिए 5 रन देकर 3 विकेट लिए थे। उन्होंने 2015 में गाले में भारत के खिलाफ अप्रत्याशित जीत के लिए 48 रन देकर 7 विकेट लिए।

एक साल बाद, हेराथ ने श्रीलंका के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक ऐतिहासिक श्रृंखला खेली, जिसमें तीन टेस्ट में 28 विकेट लिए, जिसमें 13 कोलंबो के मैदान पर लिए थे। मार्च 2017 में, अपने 39 वें जन्मदिन से कुछ ही समय पहले, हेराथ बाएं हाथ के स्पिनरों के बीच सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए, जिन्होंने गाले में बांग्लादेश के खिलाफ डैनियल विटोरी के 362 को पीछे छोड़ दिया, जहां वे कप्तान भी थे। एक साल बाद उन्होंने 400 वां विकेट नाटकीय अंदाज में अबू धाबी में पाकिस्तान के खिलाफ लिया और 21 रनों की अप्रत्याशित जीत दर्ज की। हेराथ ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला टेस्ट खेलने के बाद, गॉल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।