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दैनिक भास्कर हिंदी: क्रिकेट: पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह बोले- मौजूदा टीम में विराट-रोहित के अलावा कोई रोलमॉडल नहीं

April 8th, 2020

हाईलाइट

  • युवराज ने कहा, मौजूदा टीम में तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले विराट और रोहित को छोड़कर कोई रोल मॉडल नहीं
  • युवराज ने कहा, टीम में सीनियरों के सम्मान की आदत भी धूमिल पड़ती जा रही है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कहा है कि, मौजूदा टीम में तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले विराट कोहली और रोहित शर्मा को छोड़कर कोई ज्यादा रोल मॉडल नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि, टीम में सीनियरों के सम्मान की आदत भी धूमिल पड़ती जा रही है। युवराज ने यह बातें रोहित से इंस्टाग्राम पर बातचीत में कहीं हैं।

हमारे समय में सीनियर खिलाड़ी बड़े अनुशासन में रहते थे
रोहित ने जब युवराज से पूछा कि, टी-20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने वाली टीम और मौजूदा टीम में क्या अंतर है तो युवराज ने कहा, जो अंतर मुझे हमारी टीम में और अभी की टीम में नजर आता है तो वो यह है कि, हमारे समय में सीनियर खिलाड़ी बड़े अनुशासन में रहते थे। सोशल मीडिया था नहीं तो भटकाव नहीं होता था।

युवराज ने कहा, हमें एक निश्चित तरीके से अपने आप को संभालना होता था। हम अपने सीनियर खिलाड़ियों की तरफ देखते थे कि, वो मीडिया में किस तरह से बातें कर रहे हैं और बाकी सब। वह आगे से नेतृत्व करते थे। यही हमने उनसे सीखा और आप लोगों को भी बताया।

मौजूदा टीम में सीनियरों के प्रति सम्मान काफी कम हो गया है
युवराज ने कहा, इस टीम में सीनियर जैसे की आप (रोहित) और विराट, जो तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं। मुझे लगता है कि, जबसे सोशल मीडिया आया है तब से बहुत कम ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी तरफ देखा जा सकता है। सीनियरों के प्रति सम्मान काफी कम हो गया है।

युवराज ने हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल के कॉफी विद करण शो पर हुए विवाद का हवाला देते हुए लिखा, राहुल और हार्दिक का मामला ले लीजिए। हम सोच नहीं सकते थे कि ऐसा होगा। यह उनकी भी गलती नहीं है। IPL के अनुबंध भी काफी लंबे होते हैं। खिलाड़ी भारत के लिए नहीं खेलते तब भी काफी पैसा आता है।

आपको मार्गदर्शन के लिए सीनियर चाहिए होते हैं
युवराज ने कहा, आपको मार्गदर्शन के लिए सीनियर चाहिए होते हैं। सचिन ने हमेशा मुझसे कहा कि, अगर आप मैदान पर अच्छा करोगे तो सब कुछ सही होगा। मैं NCA में था और देखा खिलाड़ी टेस्ट मैच नहीं खेलना चाहते। दूसरी पीढ़ी टेस्ट मैच खेलना नहीं चाहती यही क्रिकेटरों का असली टेस्ट है। रोहित ने इस पर युवराज का साथ दिया और कहा, जब मैं आया था तो काफी सारे सीनियर थे, लेकिन अब माहौल थोड़ा हल्का है।