Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 19 या 20 अप्रैल कब है, जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

अक्षय तृतीया 19 या 20 अप्रैल कब है, जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य के लिए शुभ मुहूर्त को देखा जाता है। वहीं वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इतना शुभ माना गया है कि, इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल 2026, रविवार को मनाया जा रहा है।

आइए जानते हैं इस दिन का महत्व और पूजा की विधि...

अक्षय तृतीया का महत्व

इस दिन का विशेष महत्व होने का विशेष कारण भी है। पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम का जन्म भी अक्षय तृतीया को ही हुआ था। इसी तिथि में भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण और हयग्रीव का अवतरण माना गया है। माँ गंगा का धरती पर आगमन इस शुभ तिथि पर ही हुआ था। श्रीगणेश ने इसी ति​थि से महाभारत ग्रन्थ के लेखन का कार्य प्रारंभ किया था।

वहीं सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ भी इसी दिन हुआ था। द्वापर युग का समापन भी इसी तिथि में हु​आ था और इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन ही चार धाम में भगवान बद्रीनाथ के भी पट खुलते हैं। इसी दिन साल में सिर्फ एक बार वृन्दावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।

इस विधि से करें पूजा

- घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।

- इसके बाद भगवान को गंगाजल मिले जल से स्नान कराएं।

- इस दिन आप भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं।

- इसके बाद श्री हरि को चंदन और इत्र लगाएं।

- भगवान को गुड़, चना का सत्तू और मिश्री का भोग लगाएं।

- भगवान को तुलसी दल और पुष्प अर्पित करें।

- पूजा के अंत में विष्णु जी की आरती करें।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   18 April 2026 5:00 PM IST

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