Vaman Dwadashi 2026: भगवान विष्णु ने क्यों लिया था वामन अवतार? जानिए इस दिन का महत्व, मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हर साल वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी (Vaman Dwadashi) का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन व्रत रखने और पूरे विधान से श्रीहरि की पूजा करने से जीवन में धन, सुख‑समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद हमेशा साथ बना रहता है। इस साल यह पर्व 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है। भगवान ने यह अवतार क्यों लिया, क्या है इस दिन मुहूर्त और पूजा विधि? आइए जानते हैं...
तिथि कब से कब तक
द्वादशी तिथि आरंभ: 14 अप्रैल 2026, मंगलवार की सुबह 01 बजकर 08 मिनट से
द्वादशी तिथि समापन: 15 अप्रैल 2026, बुधवार की रात 12 बजकर 12 मिनट पर
इसलिए लिया था वामन अवतार
पुराणों के अनुसार, एक समय जब असुर राज बलि ने अपनी कठोर तपस्या और शक्ति से स्वर्ग समेत तीनों लोकों पर कब्जा कर लिया था। तब भगवान विष्णु ने पृथ्वी को राजा बालि के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए यह अवतार लिया था। यह श्रीहरि का पांचवां अवतार था, देवमाता अदिति की प्रार्थना पर लिए गए इस अवतार में भगवान ने सृष्टि को बुरी ताकतों से बचाकर और धर्म की रक्षा की।
वामन द्वादशी पर इस विधि से करें पूजा
- इस दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और साफ वस्त्र पहनें।
- इसके बाद भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत का संकल्प लें।
- अब भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करें।
- वामन देव की प्रतिमा का पंचामृ से अभिषेक करें।
- भगवान वामन को पीले वस्त्र, पीले फूल, चंदन, तुलसीदल और नैवेद्य अर्पित करें।
- पूजा में दही और मिश्री का भोग लगाएं।
- पूजा के दौरान वामन जयंती की कथा सुनें या पढ़ें।
इस मंत्र का जाप करें
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। आप “ॐ नमो भगवते वामनाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   14 April 2026 6:40 PM IST














