Naraka Chaturdashi 2026: छोटी दिवाली पर 5, 7 या 14 कितने दीये जलाना है शुभ? मुख्य दरवाजे से तुलसी के पौधे तक, जानें 7 शुभ स्थान

छोटी दिवाली पर 5, 7 या 14 कितने दीये जलाना है शुभ? मुख्य दरवाजे से तुलसी के पौधे तक, जानें 7 शुभ स्थान
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर दीपक जलाने का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन 14 दीये जलाने से सुख-समृद्धि आती है। जानें छोटी दिवाली 2026 पर कितने दीपक जलाना शुभ माना जाता है, यम दीपक किस दिशा में रखना चाहिए और घर की किन 7 जगहों पर दीपक जलाने की है परंपरा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। दिवाली का त्योहार हिंदी धर्म के सबसे बड़े त्योहार में से एक है। दिवाली का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला खुशियों और रोशनी का पर्व है। इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के साथ उत्सव की रौनक और बढ़ जाती है। इस दिन घरों की साफ-सफाई, पूजा-पाठ और दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि छोटी दिवाली पर घर में दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। कई लोग इस दिन आटे के दिए भी जलाते हैं। बता दें कि, साल 2026 में भारत में नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली का पर्व 7 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए?

घर के मुख्य दरवाजे से लेकर आंगन, तुलसी के पौधे और पूजा घर तक दीपक रखने की अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं। कई परिवार इस दिन 5, 7, 11 या 14 दीये जलाते हैं। वहीं कुछ परंपराओं में यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है। अगर आप भी छोटी दिवाली 2026 पर दीपक जलाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि कितने दीये जलाना शुभ माना जाता है।

कितने दीये जलाने चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर 14 दीये जलाने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इन दीपकों को यमराज के निमित्त जलाने और घर के अलग-अलग स्थानों पर रखने की मान्यता है। हालांकि, हर क्षेत्र और परिवार में दीपक जलाने की संख्या और विधि अलग हो सकती है। कुछ लोग 5, 7 या 11 दीपक भी जलाते हैं। इस दिन विशेष रूप से यम दीपक जलाने का महत्व बताया जाता है। इसे अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना के साथ जलाया जाता है। यह दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता है।

घर पर इन 7 जगहों पर दीपक रखना माना जाता है शुभ

घर का मुख्य दरवाजा

छोटी दिवाली पर घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

घर के बाहर दक्षिण दिशा में

यहां यमराज के नाम से यम दीपक जलाया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दीपक को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखना चाहिए। इसे परिवार की लंबी आयु और मंगल की कामना से जोड़ा जाता है।

तुलसी के पौधे के पास

हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय माना गया है। छोटी दिवाली की शाम तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

पूजा घर या मंदिर में

घर के मंदिर में देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का स्मरण करके दीपक जला सकते हैं।

रसोई घर में

रसोई को घर की समृद्धि और अन्नपूर्णा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुछ परिवार छोटी दिवाली पर रसोई में भी दीपक जलाते हैं। इसे अन्न और खुशहाली के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा माना जाता है।

आंगन, छत और बालकनी में

घर के आंगन, छत और बालकनी में मिट्टी के दीपक जलाने से पूरा घर रोशनी से जगमगा उठता है। इन स्थानों पर दीपक रखने की परंपरा घर को सजाने और अंधकार दूर करने के प्रतीक से जुड़ी है।

घर के आसपास खुले स्थान पर

कुछ पारंपरिक रीति-रिवाजों में घर के बाहर, रास्ते या पशुओं के रहने के स्थान पर भी दीपक जलाए जाते हैं। पुराने समय में गौशाला और आंगन में दीपक रखने की परंपरा थी। आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ऐसा कर सकते हैं।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग- अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :  

Tags

Next Story