Masik Durgashtami 2026: 21 जुलाई को रखा जाएगा का आषाढ़ दुर्गाष्टमी का व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पूजा मंत्र

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिन्दू धर्म में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को समर्पित होती है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने और सुख-समृद्धि मिलने की मान्यता है। जुलाई में पड़ने वाली आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दुर्गाष्टमी 21 जुलाई 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं अष्टमी तिथि का समय, पूजा की आसान विधि और पूजा के दौरान बोले जाने वाले प्रमुख मंत्र।
तिथि कब से कब तक
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 21 जुलाई 2026, मंगलवार को तड़के आरंभ होगी और पूरा दिन रहेगी। यह तिथि 22 जुलाई 2026, बुधवार सुबह 5 बजकर 17 मिनट तक रहेगी।
पूजा विधि
- सबसे पहले पूजा स्थान को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
- लकड़ी के पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- माता को अक्षत, सिंदूर और लाल फूल अर्पित करें।
- प्रसाद में फल और मिठाई चढ़ाएं।
- धूप और दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
- दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
- इसके बाद मां दुर्गा की आरती करें।
- अंत में हाथ जोड़कर अपनी मनोकामना के साथ माता से प्रार्थना करें।
यह भी पढ़े -महाकाल की श्रावण सवारियां 3 अगस्त से होंगी शुरू, 7 सितंबर को निकलेगी राजसी शाही सवारी, श्रद्धालुओं के लिए कुछ ऐसी रहेगी व्यवस्था
पूजा के दौरान करें इन मंत्रों का जाप
ॐ दुं दुर्गायै नमः।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   20 July 2026 6:20 PM IST








