विवाह मुहूर्त 2026: देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर-दिसंबर में शादी की शुभ तिथियां

देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर-दिसंबर में शादी की शुभ तिथियां
चार महीने का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। चातुर्मास में शादियां नहीं होतीं। लेकिन देवउठनी एकादशी के साथ ही शहनाई फिर से गूंजने लगती है।

अगर आपके घर में भी इस सीज़न शादी की तैयारी हो रही है, तो यह लेख आपके काम का है। यहां आपको नवंबर और दिसंबर 2026 के सभी शुभ विवाह मुहूर्त मिलेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि अपनी कुंडली के अनुसार सही तारीख कैसे चुनें।

देवउठनी एकादशी 2026 कब है?

देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। यह कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी है।

  • स्मार्त मत: शुक्रवार, 20 नवंबर 2026

  • वैष्णव मत: शनिवार, 21 नवंबर 2026

  • एकादशी तिथि: 20 नवंबर सुबह लगभग 7:15 से 21 नवंबर सुबह लगभग 6:31 तक (नई दिल्ली)

मान्यता है कि आषाढ़ की देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। फिर देवउठनी एकादशी पर वे जागते हैं। इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य दोबारा शुरू होते हैं। कई घरों में इसी दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है।

नवंबर 2026 विवाह मुहूर्त

नवंबर में शादी के लिए 4 शुभ दिन हैं। ध्यान दें, समय नई दिल्ली के अनुसार है। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

तारीख

दिन

नक्षत्र

मुहूर्त का समय

21 नवंबर

शनिवार

रेवती

सुबह 6:59 से रात 12:08 (22 नवंबर)

24 नवंबर

मंगलवार

रोहिणी

रात 11:25 से सुबह 7:02 (25 नवंबर)

25 नवंबर

बुधवार

रोहिणी, मृगशिरा

सुबह 7:02 से अगली सुबह 7:03

26 नवंबर

गुरुवार

मृगशिरा

सुबह 7:03 से शाम 5:47

ख़ास बात: 25 नवंबर का मुहूर्त पूरे 24 घंटे का है। इसलिए दिन और रात, दोनों समय के फेरे इस दिन संभव हैं। यही कारण है कि इस तारीख के लिए बैंक्वेट हॉल सबसे पहले बुक किए जाएंगे।

दिसंबर 2026 विवाह मुहूर्त

दिसंबर में शादी के लिए 7 शुभ दिन हैं। इसके बाद खरमास शुरू हो जाता है।

तारीख

दिन

नक्षत्र

मुहूर्त का समय

2 दिसंबर

बुधवार

उत्तरा फाल्गुनी

सुबह 10:32 से सुबह 7:07 (3 दिसंबर)

3 दिसंबर

गुरुवार

उत्तरा फाल्गुनी, हस्त

सुबह 7:07 से 10:53

4 दिसंबर

शुक्रवार

हस्त

सुबह 7:08 से 10:22

5 दिसंबर

शनिवार

स्वाति

सुबह 11:48 से सुबह 7:09 (6 दिसंबर)

6 दिसंबर

रविवार

स्वाति

सुबह 7:09 से 7:42

11 दिसंबर

शुक्रवार

उत्तराषाढ़ा

रात 3:04 से सुबह 7:13 (12 दिसंबर)

12 दिसंबर

शनिवार

उत्तराषाढ़ा

सुबह 7:13 से रात 3:27 (13 दिसंबर)

ध्यान दें: 3, 4 और 6 दिसंबर के मुहूर्त छोटे हैं। इन दिनों सुबह के फेरे ही रखें। वहीं 2, 5 और 12 दिसंबर लंबे मुहूर्त वाले दिन हैं।

खरमास 2026 कब से है?

जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास शुरू होता है। यह लगभग एक महीने चलता है। मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में जाते ही यह खत्म होता है।

2026 में खरमास लगभग मध्य दिसंबर (15–16 दिसंबर) से 14 जनवरी 2027 तक रहेगा। इस दौरान विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।

इसलिए अगर आप इसी साल शादी चाहते हैं, तो 12 दिसंबर आखिरी अच्छा विकल्प है।

सामान्य मुहूर्त और आपकी कुंडली का मुहूर्त: फर्क समझें

ऊपर दी गई तारीखें सामान्य पंचांग मुहूर्त हैं। यानी ये दिन सबके लिए आम तौर पर शुभ हैं।

लेकिन हर दूल्हा-दुल्हन के लिए हर तारीख बराबर शुभ नहीं होती। ज्योतिष में अंतिम तारीख तय करने से पहले तीन बातें देखी जाती हैं:

  1. चंद्र बल: उस दिन चंद्रमा आपकी जन्म राशि के किस भाव में है। 1, 3, 6, 7, 10 और 11वें भाव शुभ माने जाते हैं।

  2. तारा बल: उस दिन का नक्षत्र आपके जन्म नक्षत्र से कैसा संबंध रखता है। कुछ तारा शुभ हैं, कुछ अशुभ।

  3. गुरु बल और सूर्य बल: कन्या के लिए गुरु बल और वर के लिए सूर्य बल देखा जाता है। ये कमज़ोर हों, तो उपाय के साथ ही तारीख तय की जाती है।

इसका मतलब है कि 25 नवंबर किसी जोड़े के लिए सबसे अच्छा दिन हो सकता है। वहीं किसी दूसरे जोड़े के लिए वही दिन ठीक नहीं होगा।

अगर आपके घर में अभी रिश्ता तय होना बाकी है, तो पहले यह समझना ज़रूरी है कि कुंडली में विवाह का योग कब बन रहा है। इसके लिए आप शादी कब होगी, जन्मतिथि से जानने वाला मुफ्त टूल आज़मा सकते हैं। इसमें जन्म तिथि डालते ही विवाह के संभावित समय का अंदाज़ा मिल जाता है।

शुभ तारीख चुनते समय 5 ज़रूरी बातें

  • दोनों की कुंडली देखें: सिर्फ दुल्हन या सिर्फ दूल्हे की नहीं, दोनों की राशि से मुहूर्त मिलाएं।

  • फेरों का समय पहले तय करें: बैंक्वेट बुक करने से पहले पंडित जी से फेरों का सही समय पूछें।

  • शहर का अंतर ध्यान रखें: मुहूर्त का समय सूर्योदय पर निर्भर करता है। मुंबई और कोलकाता के बीच समय में फर्क आता है।

  • भद्रा और राहुकाल से बचें: फेरे इन समयों में न रखें।

  • जल्दी बुकिंग करें: नवंबर-दिसंबर में मुहूर्त कम हैं। इसलिए हॉल, कैटरर और पंडित जी तीनों की बुकिंग पहले कर लें।

अगर शुभ तारीख न मिले, तो ये 3 सरल उपाय करें

कई बार कुंडली के हिसाब से इस सीज़न में अच्छा दिन नहीं बनता। ऐसे में घबराएं नहीं। ये आसान उपाय मन को शांति देते हैं:

  1. गुरुवार का व्रत: कन्या का गुरु बल कमज़ोर हो, तो गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें। केले के पेड़ में हल्दी मिला जल चढ़ाएं।

  2. माता कात्यायनी का मंत्र: विवाह में बाधा हो, तो रोज़ 108 बार यह मंत्र जपें — "कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥"

  3. सूर्य को अर्घ्य: वर का सूर्य बल कमज़ोर हो, तो रोज़ सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: नवंबर 2026 में शादी की पहली शुभ तारीख कौन सी है? उत्तर: 21 नवंबर 2026, शनिवार। यह देवउठनी एकादशी (वैष्णव मत) का ही दिन है।

प्रश्न: 2026 में आखिरी विवाह मुहूर्त कब है? उत्तर: 12 दिसंबर 2026। इसके बाद खरमास शुरू हो जाता है।

प्रश्न: खरमास में शादी क्यों नहीं होती? उत्तर: इस समय सूर्य धनु राशि में होते हैं और उनका प्रभाव कमज़ोर माना जाता है। इसलिए मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।

प्रश्न: क्या सामान्य मुहूर्त पर बिना कुंडली देखे शादी कर सकते हैं? उत्तर: कर सकते हैं, पर बेहतर है कि चंद्र बल और तारा बल एक बार ज़रूर मिलवा लें। इससे वैवाहिक जीवन की शुरुआत शुभ समय में होती है।

निष्कर्ष

नवंबर-दिसंबर 2026 में शादी के कुल 11 शुभ दिन हैं। इनमें 25 नवंबर, 2 दिसंबर और 12 दिसंबर सबसे लंबे और सुविधाजनक मुहूर्त हैं।

फिर भी, अंतिम तारीख हमेशा दूल्हा-दुल्हन की कुंडली देखकर ही तय करें। सही समय पर शुरू हुआ रिश्ता लंबा और सुखी चलता है।


लेखक के बारे में: पं. अनिल आचार्य वैदिक ज्योतिषाचार्य हैं। वे विवाह, कुंडली मिलान और मुहूर्त विषय पर परामर्श देते हैं। अधिक जानकारी के लिए AstroAmbe पर जाएं।

(नोट: मुहूर्त का समय नई दिल्ली के अनुसार है। स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।)

Created On :   9 Oct 2026 1:28 PM IST

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