comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

किशोर कुमार का 89 वां जन्मदिन, जिनकी आवाज ने गढ़े सुपरस्टार

August 04th, 2018 15:46 IST

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महान गायक और संगीतकार किशोर कुमार, एक ऐसे कलाकार, जो ना केवल गायकी और अदाकारी के बादशाह थे, बल्कि उन्होंने लेखक, निर्माता और बतौर निर्देशक भी इंडस्ट्री में खूब नाम कमाया। अपने फिल्मी करियर में करीब 1500 से ज्यादा गाना गाने वाले, इस लीजेन्ड्री सिंगर का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। निर्देशन, अभिनय और गायन में तरह तरह के प्रयोग करने वाले चुलबुले और हरदिल अजीज गायक किशोर दा, 70 और 80 के दशक के सबसे मशहूर सिंगर हुआ करते थे। उन्होंने देवानंद, राजेश खन्ना से लेकर अमिताभ बच्चन जैसे बड़े-बड़े कलाकारों को अपनी आवाज दी। माना जाता है राजेश खन्ना को सुपरस्टार बनाने में किशोर कुमार की आवाज का बड़ा योगदान है। किशोर दा ने राजेश खन्ना की 91 फिल्मों में अपनी आवाज दी।

हर दिल अजीज 'खंडवे वाला किशोर'
तो वहीं खंडवे वाले इस किशोर ने हिंदी सिनेमा के हर एक वर्ग के दर्शकों का दिल भी जीता। ज़िंदगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र और ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम, ये ऐसे गाने है, जो दिल की गहराई में उतर जाते है और शायद यही वजह है कि किशोर के ये गाने एवरग्रीन हैं।

जिंदगी के मायने सिखाते हैं किशोर के गीत
'सफर' और 'आपकी कसम' जैसी फिल्मों में किशोर कुमार ने अपने गानों से न केवल जिंदगी के कई पहलुओं को समझाया, बल्कि जिंदगी की नई परिभाषा को भी अपने गानों में पिरोया है। मेरे दिल में आज क्या है और पल पल दिल के पास, तुम रहती हो जैसे रोमांटिग गानों से भी उन्होंने खूब ख्याती बटोरी। कहा जाता है कि 70-80 के दशक में युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरे किशोर कुमार के गानों को सुनने के लिए हर कोई उतावला रहता था। ये उतावलापन शायद इसलिए भी था क्योंकि, जहां उनके गाने कभी दिल के दर्द को कम कर देते थे, तो कभी भूले प्यार की यादों को करते थे ताज़ा । मेरा जीवन कोरा कागज़ और खिज़ा के फूल पे आती कभी बहार नहीं, हिंदी सिनेमा के सदाबहार गायक की इसी गायकी की निशानी थी ।

मील का पत्थर ‘चलती का नाम गाड़ी’ 
बात करें उनके अभिनय की, तो देश की पहली कॉमेडी फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ में किशोर कुमार ने अपने दोनों भाइयों अशोक कुमार और अनूप कुमार के साथ मिलकर हास्य अभिनय के ऐसे आयाम स्थापित किए, जो आज भी मील का पत्थर हैं ।70-80 के दशक में जितने दीवाने मोहम्मद रफी की आवाज के थे, उतना ही किशोर कुमार को भी लोग सुनना पसंद करते हैं।

शोहरत और कामयाबी के बावजूद भी मुंबई को नहीं मानते थे अपना शहर

हालांकि इन सबसे परे किशोर की जिंदगी का एक और भी पहलू था ,किशोर कुमार भले ही मुंबई में रहते थे लेकिन उनका मन हमेशा अपने जन्म स्थान खंडवा में रमा रहा। किशोर कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 'कौन मूर्ख इस शहर में रहना चाहता है। यहां हर कोई दूसरे का इस्तेमाल करना चाहता है। मैं इन सबसे दूर चला जाऊंगा। अपने शहर खंडवा में। किशोर कुमार की इन बातों से पता चलता था, कि वो इतनी शोहरत और कामयाबी के बावजूद कभी मुंबई को अपना शहर नहीं मान सके।

मौत से पहले हो गया था मौत का आभास  

साल 1986 में किशोर कुमार को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में गाना कम कर दिया, इस दौरे से उन्हें अंदेशा हो गया था, कि वे अब इस दुनिया में ज्यादा दिन के मेहमान नहीं है । यही वजह है कि वे अपने शहर खंडवा लौट जाना चाहते थे, लेकिन उनकी ये ख्वाहिश अधूरी ही रह गई, उन्हें 13 अक्टूबर 1987 को एक बार फिर दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, का पाठ पढ़ाने वाले इस लीजेन्ड्री सिंगर ने हमेशा -हमेशा के लिए मौत की चादर औढ ली और दुनिया को अलविदा कह दिया ।  लेकिन संगीत की बिना तालीम हासिल किए, जिस तरह से उन्होंने फिल्म संगीत जगत में अपना स्थान बनाया, वो काबिले तारीफ है। आज वो बेशक हमारे बीच मौजूद नहीं है, लेकिन वे अपनी मधुर आवाज में गाए गए गीतों के जरिए आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं। 

कमेंट करें
32lXV
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।