Miss World 2026: उज्जैन से निकल कर मिस वर्ल्ड के मंच तक पहुंचीं निकिता पोरवाल, 140 से ज्यादा देशों के बीच कर रही भारत को रिप्रेजेंट

उज्जैन से निकल कर मिस वर्ल्ड के मंच तक पहुंचीं निकिता पोरवाल, 140 से ज्यादा देशों के बीच कर रही भारत को रिप्रेजेंट
ध्य प्रदेश के उज्जैन से निकलकर मिस वर्ल्ड के 75वें मंच तक पहुंचीं निकिता पोरवाल इन दिनों वियतनाम में मिस वर्ल्ड के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 140 से ज्यादा देशों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करना किसी भी पार्टिसिपेंट के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मध्य प्रदेश के उज्जैन से निकलकर मिस वर्ल्ड के 75वें मंच तक पहुंचीं निकिता पोरवाल इन दिनों वियतनाम में मिस वर्ल्ड के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 140 से ज्यादा देशों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करना किसी भी पार्टिसिपेंट के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में जब कंधों पर 140 करोड़ लोगों की उम्मीदें हों, तो ये जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। और देश को उन से काफी उम्मीदें हैं।

वियतनाम में निकिता पोरवाल का जलवा

हाल ही में निकिता से उनकी मिस वर्ल्ड की तैयारियों, फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, 'माटी' प्रोजेक्ट और छोटे शहरों की लड़कियों के सपनों को लेकर बातचीत की गई। इस दौरान निकिता ने खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि वो दुनिया के सामने भारत की संस्कृति और आधुनिक सोच, दोनों को मजबूती के साथ पेश करना चाहती हैं।

'परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं'

वियतनाम के वैश्विक मंच पर 'ट्रेडिशनल इंडिया' और 'न्यू-एज ग्लोबल इंडिया' का बैलेंस साधने के सवाल पर निकिता ने बेहद खूबसूरती से जवाब दिया। निकिता कहती हैं, 'मिस वर्ल्ड के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना सिर्फ एक सैश पहनना नहीं है, बल्कि देश की एक अमर कहानी को दुनिया के सामने लाना है। मैं चाहती हूं कि दुनिया उस भारत को देखे जो अपनी प्राचीन परंपराओं में गहराई से जुड़ा है, लेकिन अपनी प्रगति में उतना ही निडर है। हमारे देश में सदियों पुराना ज्ञान और आधुनिक तकनीक एक साथ चलते हैं मेरे लिए भारतीय परंपरा और आधुनिकता आपस में प्रतिस्पर्धा नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे को पूरा करते हैं।'

'छोटा शहर नहीं, बड़ी सोच मायने रखती है'

उज्जैन से मिस इंडिया और फिर मिस वर्ल्ड के मंच तक के अपने सफर का जिक्र करते हुए निकिता ने देश के छोटे शहरों की युवा लड़कियों के लिए एक खास मैसेज दिया। उन्होंने कहा, 'आपका पिन कोडकभी भी आपकी क्षमताओं को तय नहीं कर सकता। आज आपके पास शायद हर साधन या मौका न हो, लेकिन खुद को इतना तैयार रखें कि जब मौका दरवाजे पर दस्तक दे, तो आप पूरी तरह तैयार हों. अपनी सोच को शहर के दायरे में मत बांधिए, क्योंकि दुनिया आपके पते से ज्यादा आपके हुनर में दिलचस्पी रखती है।

निकिता ने कहा, 'मेरा एक ही नियम है, शरीर को सही पोषण देना. मैं हमेशा प्रोटीन, फल, हरी सब्जियां और भरपूर पानी लेती हूं। फिट रहने के लिए हर बार जिम जाना जरूरी नहीं है। जब भी मौका मिलता है, मैं अपने होटल के कमरे में ही 20 मिनट का एक क्विक सेशन कर लेती हूं, जिसमें बॉडीवेट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, मोबिलिटी एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग शामिल होता है। उन्होंने कहा, 'मैं खुद को याद दिलाती हूं कि मैंने यह सफर क्यों शुरू किया था। जैसे ही आप अपना ध्यान दबाव से हटाकर अपने 'उद्देश्य' पर लगाते हैं, मानसिक तनाव खत्म हो जाता है।

'माटी' प्रोजेक्ट के बारे में क्या बोलीं निकिता?

मिस वर्ल्ड के सबसे खास 'ब्यूटी विद अ पर्पस' (BWAP) राउंड के लिए निकिता का प्रोजेक्ट 'माटी' आदिवासी महिलाओं और बच्चों के सशक्तीकरण पर काम कर रहा है। निकिता का कहना है कि भारत के आदिवासी समाज ने हमारी संस्कृति और जंगलों को तब से संभालकर रखा है, जब इस पर बातें भी शुरू नहीं हुई थीं। उन्होंने कहा, 'मैं दुनिया को आदिवासी समुदाय की गरिमा और उनके संघर्ष से रूबरू कराना चाहती हूं।

Created On :   14 Aug 2026 11:43 AM IST

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